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एनटीपीसी विन्ध्यनगर का ‘मुख्य लेबर गेट’ हर बारिश में बनता है समंदर: करोड़ों के बजट के बाद भी ड्रेनेज सिस्टम फेल; स्कूली बच्चों और वाराणसी जाने वाले गंभीर मरीजों की जान आफत में, प्रबंधन के खिलाफ फूटा गुस्सा

एनटीपीसी विन्ध्यनगर का ‘मुख्य लेबर गेट’ हर बारिश में बनता है समंदर: करोड़ों के बजट के बाद भी ड्रेनेज सिस्टम फेल; स्कूली बच्चों और वाराणसी जाने वाले गंभीर मरीजों की जान आफत में, प्रबंधन के खिलाफ फूटा गुस्सा

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The Khabrilal

Published On: Jul 8, 2026, 8:00 PM IST

Updated On: Jul 8, 2026, 8:00 PM IST

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सिंगरौली/विन्ध्यनगर: देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनियों में शुमार एनटीपीसी (NTPC) की विन्ध्यनगर टाउनशिप से बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली और प्रशासनिक घोर लापरवाही की एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। मानसून की शुरुआती बारिश शुरू होते ही एनटीपीसी विन्ध्यनगर टाउनशिप का मुख्य लेबर गेट एक बार फिर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। विन्ध्यनगर-शक्तिनगर मुख्य संपर्क मार्ग पर कई फीट तक पानी भर जाने से प्लांट के भीतर काम करने वाले हजारों संविदा श्रमिकों, नियमित कर्मचारियों, स्कूली विद्यार्थियों और राहगीरों को रोजाना नारकीय स्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। वर्षों पुरानी इस गंभीर विधिक व ढांचागत समस्या का कोई वैज्ञानिक समाधान न होने से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।


यूपी के शक्तिनगर और वाराणसी को जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन ब्लॉक; दोपहिया वाहन चालक हो रहे दुर्घटना का शिकार

टाउनशिप कॉरिडोर और मुख्य मार्ग के इस जमीनी संकट की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी प्रभावित: यह मुख्य मार्ग केवल एनटीपीसी लेबर गेट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिंगरौली को उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर, सोनभद्र और पूर्वांचल के मुख्य केंद्र वाराणसी से जोड़ने वाली बेहद व्यस्त विधिक लाइफलाइन है। सड़क पर पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
  • एम्बुलेंस की आवाजाही पर संकट: क्षेत्रवासियों ने सबसे गंभीर विधिक आपत्ति जताते हुए कहा कि अंचल के गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज के लिए वाराणसी (BHU) रेफर किया जाता है और एम्बुलेंस इसी मुख्य मार्ग से गुजरती हैं। जलभराव के कारण आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था ठप होने की कगार पर पहुंच जाती है, जिससे किसी की जान भी जा सकती है।

“करोड़ों के सीएसआर बजट का कहाँ हो रहा इस्तेमाल?” — वार्ड पार्षदों की विधिक आपत्तियों को प्रबंधन ने किया दरकिनार

एनटीपीसी टाउनशिप प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने कड़े विधिक सवाल खड़े किए हैं:

  1. बुनियादी नाला निर्माण ठप: स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि एनटीपीसी विन्ध्यनगर प्रबंधन टाउनशिप के सौंदर्यीकरण और विकास के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये का बजट कागजों पर खपा देता है, लेकिन लेबर गेट जैसे सबसे संवेदनशील पॉइंट पर एक अदद ड्रेनेज नाले का निर्माण नहीं कराया जा सका।
  2. पार्षदों के पत्रों पर नहीं हुआ विधिक एक्शन: संबंधित वार्ड के पार्षदों ने बताया कि वे पिछले कई सत्रों से एनटीपीसी के उच्च विधिक अधिकारियों और प्रबंधन को स्थायी नाला निर्माण (Drainage Master Plan) के लिए लिखित मांग पत्र सौंप चुके हैं। प्रबंधन हर बार आश्वासन की कड़ियाँ थमा देता है, लेकिन मैदानी स्तर पर कोई ठोस और दीर्घकालिक विलेख तैयार नहीं किया जाता।

वैज्ञानिक ड्रेनेज व्यवस्था की उठी विधिक मांग; समय रहते समाधान न होने पर चक्काजाम की चेतावनी

प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-आंदोलन की कड़ियाँ —
“लेबर गेट के समीप रहने वाले रहवासियों और ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रूप से एनटीपीसी प्रबंधन को विधिक अल्टीमेटम दिया है कि बारिश के इस मौसम में तत्काल हैवी वाटर पंप लगाकर पानी की निकासी की जाए.
श्रमिकों और अभिभावक संघों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी प्रबंधन ने इस बुनियादी समस्या की अनदेखी की, तो हजारों कामगार और स्थानीय नागरिक मुख्य लेबर गेट पर अनिश्चितकालीन विधिक धरना देकर मुख्य विन्ध्यनगर-शक्तिनगर मार्ग को पूरी तरह जाम कर देंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी एनटीपीसी प्रशासन की होगी।”


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