भोपाल: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर राजधानी भोपाल का कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार एक ऐतिहासिक पर्यावरण महा-संकल्प का गवाह बना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय समारोह में दीप प्रज्वलित कर “एक पेड़ मां के नाम 2.0” महा-अभियान का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस अभियान के जरिए पूरे मध्य प्रदेश को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन का रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।

सभागार परिसर में सीएम ने खुद किया पौधरोपण; रोपे औषधीय पौधे
मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभागार परिसर में खुद अपने हाथों से पौधारोपण किया। सीएम ने परिसर की मिट्टी में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण, छायादार और औषधीय गुणों से भरपूर पौधों को रोपा और प्रदेशवासियों से भी अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने की भावुक अपील की।
जल और जमीन को बचाने के लिए बड़े विमोचन
- 5 कोर्स मॉड्यूल्स लॉन्च: मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए ‘सर्कुलर इकॉनॉमी’ (Circular Economy) से जुड़े 5 विशेष कोर्स मॉड्यूल्स का विमोचन किया।
- 500 बावड़ियों का प्रलेखन: ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत एप्को (EPCO) और इन्टैक (INTACH) द्वारा तैयार किए गए मध्य प्रदेश के 16 जिलों की 500 ऐतिहासिक बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों (Documentation) का विमोचन कर जल स्रोतों के पुनरुद्धार का खाका देश के सामने रखा।
- लाइव प्रदर्शनी का अवलोकन: इस दौरान सीएम ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आधुनिक नवाचारों, वेस्ट-टू-वेल्थ (सर्कुलर इकॉनॉमी) और जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेशभर में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केंद्रित भव्य प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया और युवा वैज्ञानिकों की सराहना की।

8 श्रेणियों में बांटे गए 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार
पर्यावरण की रक्षा को अपनी जिंदगी का मकसद बनाने वाले हीरोज और संस्थाओं को मुख्यमंत्री ने मंच से सम्मानित किया:
- किन्हें मिला सम्मान: प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास (Sustainable Development) के क्षेत्र में उत्कृष्ट और अनुकरणीय कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों (NGOs) और व्यक्तिगत रूप से सक्रिय पर्यावरणविदों को वर्ष 2024-25 के लिए 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार (8 अलग-अलग श्रेणियों में) प्रदान किए गए।
डिजिटल विंग की पैनी नजर: 30 सितंबर तक चलेगी जियो-टैगिंग
यह अभियान आज 5 जून से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक लगातार चलेगा। इस बार लगाए जाने वाले हर एक पौधे की पहचान और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसकी जियो-टैगिंग की जाएगी, जिसे केंद्र सरकार के ‘मेरी लाइफ’ (Meri LiFE) पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश के ग्रीन कवर को पूरी तरह हाईटेक बनाया जा सके।







