भोपाल, मध्य प्रदेश: विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार प्रकृति संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर बड़ा जन-अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में सुबह 11 बजे भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” महा-अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस वर्ष के सभी आयोजन ‘इंस्पायर्ड बाय नेचर, फॉर क्लाइमेट एंड फॉर अवर फ्यूचर’ (प्रकृति से प्रेरित, जलवायु और हमारे भविष्य के लिए) थीम पर केंद्रित रहेंगे।

भास्कर हाइलाइट्स: पर्यावरण दिवस पर मध्य प्रदेश के बड़े कदम
- महा-अभियान की शुरुआत: “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान आज 5 जून से शुरू होकर 30 सितम्बर 2026 तक पूरे प्रदेश में जन-सहभागिता के साथ चलाया जाएगा।
- हाईटेक होगी मॉनिटरिंग: अभियान के तहत रोपे जाने वाले सभी पौधों की जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) की जाएगी और उनका आधिकारिक रजिस्ट्रेशन केंद्र सरकार के ‘मेरी लाइफ’ (Meri LiFE) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से होगा।
- बावड़ियों का कायाकल्प: जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एप्को (EPCO) और इन्टैक (INTACH) द्वारा तैयार किए गए मध्य प्रदेश के 16 जिलों की 500 ऐतिहासिक बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों (Documentation) का मुख्यमंत्री विमोचन करेंगे।
8 श्रेणियों में दिए जाएंगे 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार
प्रकृति संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हीरोज को सरकार सम्मानित करेगी:
- किन्हें मिलेगा सम्मान: पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास (Sustainable Development) के क्षेत्र में मिसाल पेश करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों (NGOs) और पर्यावरणविदों को वर्ष 2024-25 के लिए 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
- नवाचारों की प्रदर्शनी: कार्यक्रम में सर्कुलर इकॉनॉमी (Circular Economy) से संबंधित 5 विशेष कोर्स मॉड्यूल्स का विमोचन होगा और जल संरक्षण के क्षेत्र में हुए आधुनिक नवाचारों की लाइव प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
गांव से लेकर शहर तक: 5 जून से 30 सितंबर तक सजेगी ‘हरित धरा’
इस महा-अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है:
- सबकी भागीदारी: स्कूल-कॉलेजों, उद्योगों, महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs), नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संगठनों को बड़े पैमाने पर पौधरोपण के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- जिला स्तर पर आयोजन: मध्य प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, विकासखंडों और सतना-मैहर सहित विंध्य अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता रैलियां, संगोष्ठियां, चित्रकला-निबंध प्रतियोगिताएं, श्रमदान स्वच्छता गतिविधियां और सामूहिक ‘पर्यावरण शपथ’ के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।







