मैहर/सतना/रीवा: मैहर जिले के ग्राम हिनौता की प्रतिभावान बेटी प्रियंका द्विवेदी (प्रीति) ने शैक्षणिक जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मैहर और संपूर्ण विंध्य क्षेत्र का मान बढ़ाया है। प्रियंका ने अवधेश प्रताप सिंह (APS) विश्वविद्यालय, रीवा से अर्थशास्त्र विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस सफलता के साथ ही अब उनके नाम के आगे आधिकारिक रूप से ‘डॉक्टर’ जुड़ गया है उनकी इस उपलब्धि से हिनौता (मैहर) और उनके ससुराल सहिजनी (नागौद) सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

मार्गदर्शकों और परिवार को दिया सफलता का श्रेय
डॉ. प्रियंका ने अपना शोध कार्य मुख्य शोध निर्देशिका डॉ. कुमुद श्रीवास्तव एवं सह-निर्देशक डॉ. प्रवीण कुमार पाठक के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया है:
-
माता-पिता और मायके का सहयोग: डॉ. प्रियंका ने अपनी सफलता का मुख्य श्रेय अपनी माता श्रीमती रमेशू द्विवेदी एवं पिता श्री राम नरेश द्विवेदी के त्याग व आशीर्वाद को दिया। साथ ही चाचा-चाची, भाई-बहनों और पूरे द्विवेदी परिवार के स्नेह को रेखांकित किया।
-
ससुराल का संबल: उन्होंने अपने ससुराल (ग्राम सहिजनी, तहसील नागौद) के दिवंगत सास-ससुर स्व. श्री दद्दू राम गौतम के आशीर्वाद और गौतम परिवार के सहयोग को अपनी सफलता का बड़ा आधार बताया।
-
पति और बच्चों का साथ: उन्होंने बताया कि उनकी इस शैक्षणिक यात्रा में पति श्री जगतराम गौतम का हर कदम पर मिला विश्वास व संबल सबसे बड़ी ताकत बना। इसके अलावा बच्चों (देव और शिवांशी) के स्नेह और मित्रों के सहयोग ने इस लंबे सफर को आसान बनाया।
-
विशेष मार्गदर्शन: शैक्षणिक नींव को मजबूत करने में प्रो. बृजेश चतुर्वेदी के विशेष मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उपलब्धि का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| शोधकर्ता का नाम | डॉ. प्रियंका द्विवेदी (प्रीति) |
| विषय | अर्थशास्त्र (Economics) |
| विश्वविद्यालय | अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (APSU), रीवा |
| मूल निवास (मायका) | ग्राम हिनौता, जिला मैहर (म.प्र.) |
| ससुराल | ग्राम सहिजनी, तहसील नागौद, जिला सतना (म.प्र.) |
| शोध निर्देशक | डॉ. कुमुद श्रीवास्तव (मुख्य) एवं डॉ. प्रवीण कुमार पाठक (सह-निर्देशक) |
‘अपनों के आशीर्वाद का सुखद परिणाम’
अपनी उपलब्धि को परिवार, गुरुजनों और शुभचिंतकों को समर्पित करते हुए डॉ. प्रियंका ने कहा कि जीवन की यह बड़ी सफलता अपनों के निस्वार्थ स्नेह, त्याग, सही मार्गदर्शन और आशीर्वाद का ही सुखद परिणाम है।









