मैहर: मैहर कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार (8 सितंबर 2026) को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी के निर्देशन में आयोजित इस जनसुनवाई की कमान अपर कलेक्टर सुश्री संजना जैन ने संभाली। जनसुनवाई के दौरान जिले के शहरी व ग्रामीण अंचलों से आए आम नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याओं से संबंधित कुल 64 आवेदन प्रस्तुत किए। अपर कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण व समय-सीमा (टाइम-लिमिट) के भीतर शिकायतों का निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए।

जनसुनवाई में आए प्रमुख मामले और उन पर प्रशासनिक निर्देश
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लाड़ली बहना योजना की रुकी राशि: ग्राम आमादाडी से आई महिला हितग्राही ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें वर्ष 2025 तक लाड़ली बहना योजना का नियमित लाभ मिला, लेकिन 2026 से भुगतान बंद हो गया है। सुश्री जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मैहर जनपद सीईओ को तत्काल जांच कर हितग्राही को पुनः योजना से लाभान्वित कराने के निर्देश दिए।
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क्षतिग्रस्त मकान और आवास योजना का लाभ: ग्राम देवरी निवासी एक आवेदक ने बताया कि उनका 100 वर्ष पुराना पुस्तैनी कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और वह खेती-किसानी कर किसी तरह जीवनयापन कर रहे हैं। इस पर अपर कलेक्टर ने जनपद सीईओ को जांच कर पात्र पाए जाने पर तत्काल प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के आदेश दिए।
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पुस्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा: रामनगर तहसील से पहुंचे आवेदक ने अपनी पुस्तैनी जमीन पर बारी लगाकर किए जा रहे अवैध कब्जे की शिकायत की। अपर कलेक्टर ने उपखंड अधिकारी (SDM) रामनगर को मौका मुआयना कर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जनसुनवाई का विवरण
| विवरण | जानकारी |
| आयोजन स्थल | कलेक्ट्रेट सभागार, मैहर |
| अध्यक्षता/सुनवाईकर्ता | सुश्री संजना जैन (अपर कलेक्टर, मैहर) |
| प्राप्त कुल आवेदन | 64 प्रकरण |
| मुख्य समस्याएं | लाड़ली बहना योजना, पीएम आवास, भूमि अतिक्रमण व प्रशासनिक शिकायतें |
| उपस्थित अधिकारी | एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी |
समय-सीमा में निराकरण के सख्त निर्देश
अपर कलेक्टर संजना जैन ने उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को ताकीद किया कि जनसुनवाई में आए प्रत्येक आवेदन का रिकॉर्ड बनाकर उस पर समयबद्ध तरीके से निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की जाए, ताकि आम जनता को बार-बार कलेक्ट्रेट के चक्कर न लगाने पड़ें।










