मैहर (अमरपाटन): मैहर जिले की अमरपाटन तहसील अंतर्गत ग्राम खरमसेड़ा में करोड़ों रुपये मूल्य की 203 एकड़ शासकीय भूमि को कटरचित तरीके से निजी हाथों में सौंपने के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने न्यायालयीन प्रकरण क्र. 0017/निगरानी/2021-22 में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए खसरा क्रमांक 1625 में विभिन्न व्यक्तियों के नाम दर्ज फर्जी एवं अवैध निजी स्वामित्व प्रविष्टियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। कलेक्टर के इस आदेश के बाद अब यह पूरी की पूरी 203.42 एकड़ (82.320 हेक्टेयर) भूमि पूर्ववत ‘मध्यप्रदेश शासन’ के नाम दर्ज हो जाएगी।

ग्रामीणों की शिकायत से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
ग्राम पंचायत खरमसेड़ा की आम जनता और ग्रामीणों द्वारा खसरा क्रमांक 1625 पर किए गए अवैध कब्जों व फर्जी पट्टों की निष्पक्ष जांच और उन्हें निरस्त करने के लिए कलेक्टर कोर्ट में आवेदन दिया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM राजस्व), अमरपाटन से पूरे रिकॉर्ड का तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन तलब किया।
जांच में खुलीं परतें: 1958-59 से शासकीय खाते में दर्ज थी जमीन
एसडीएम अमरपाटन द्वारा राजस्व अभिलेखों की गहन पड़ताल में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
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मूल रिकॉर्ड: वर्ष 1958-59 की खतौनी में खसरा क्रमांक 1625 का कुल रकबा 203.42 एकड़ (82.320 हेक्टेयर) पहाड़ एवं अकृषि भूमि के रूप में दर्ज था।
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निरंतरता: वर्ष 1989-90 से लेकर 1992-93 तक तथा वर्ष 2004-05 के सरकारी रिकॉर्ड में भी यह जमीन पूरी तरह मध्यप्रदेश शासन के नाम ही दर्ज थी।
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फर्जीवाड़ा: बाद के वर्षों में भू-माफिया और सांठगांठ के जरिए मूल खसरे के दर्जनों बटांक बनाकर चुपके से निजी व्यक्तियों के नाम निजी स्वामित्व संबंधी प्रविष्टियां चढ़ा दी गईं।
प्रकरण एवं प्रशासनिक आदेश का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| स्थान / गांव | ग्राम खरमसेड़ा, तहसील अमरपाटन (जिला मैहर) |
| खसरा क्रमांक व कुल रकबा | खसरा क्र. 1625 (कुल रकबा 203.42 एकड़ / 82.320 हेक्टेयर) |
| कार्रवाई | अवैध व फर्जी निजी स्वामित्व प्रविष्टियां निरस्त |
| आदेशकर्ता | श्रीमती बिदिशा मुखर्जी (कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, मैहर) |
| वर्तमान स्थिति | भूमि पुनः मध्यप्रदेश शासन के खाते में दर्ज करने के निर्देश |
एसडीएम अमरपाटन को रिकॉर्ड दुरुस्ती के निर्देश
अभिलेखीय साक्ष्यों की पुष्टि के बाद कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने एसडीएम अमरपाटन को आदेश की प्रति भेजकर राजस्व रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) में तत्काल आवश्यक दुरुस्ती (अमल-दर-आमद) करने तथा संबंधित सभी पक्षों को आदेश की प्रति तामील कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।










