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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर कथित जातिगत टिप्पणी से विवाद, मैहर पुलिस ने दर्ज की FIR

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर कथित जातिगत टिप्पणी से विवाद, मैहर पुलिस ने दर्ज की FIR

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The Khabrilal

Published On: Oct 25, 2026, 10:37 PM IST

Updated On: Oct 25, 2026, 10:37 PM IST

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धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के आरोप; फेसबुक पोस्ट को लेकर युवक ने की थी शिकायत

मैहर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मैहर दौरे के दौरान आयोजित सनातन संवाद कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित जातिगत टिप्पणी अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गई है। फेसबुक पर ‘आजाद पटेल अमरपाटन’ नाम से संचालित आईडी से साझा की गई पोस्ट के संबंध में शिकायत मिलने पर मैहर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता आदित्य मालिक का आरोप है कि पोस्ट में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान पुलिस की ओर से दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर को लेकर भी कथित रूप से भ्रामक जानकारी साझा की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) और 353(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

23 अक्टूबर की पोस्ट को लेकर थाने पहुंचा शिकायतकर्ता

शिकायत के मुताबिक, मैहर की पुरानी बस्ती के वार्ड नंबर 9 निवासी 19 वर्षीय आदित्य मालिक 25 अक्टूबर को अपने मित्र पवन पसेरिया के साथ कोतवाली थाने पहुंचे थे। यहां उन्होंने लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि 23 अक्टूबर को केजेएस सीमेंट फैक्ट्री परिसर में आयोजित सनातन संवाद कार्यक्रम के संबंध में फेसबुक पर ऐसी टिप्पणी की गई, जिसमें जातिगत संदर्भ के साथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने पोस्ट में गार्ड ऑफ ऑनर को लेकर साझा की गई जानकारी पर भी आपत्ति जताई और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने शुरू की पोस्ट और आरोपों की जांच

शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब सोशल मीडिया पोस्ट की वास्तविक सामग्री, उसके संदर्भ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। धार्मिक और जातिगत विषयों से जुड़ी सोशल मीडिया सामग्री को लेकर ऐसे मामलों में तथ्यों का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल, इस प्रकरण में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष से सामने आए हैं। उनकी पुष्टि पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

 

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