मैहर: नवगठित मैहर जिले में अवैध उत्खनन, पर्यावरण प्रदूषण और नियमों की अनदेखी करने वाले क्रेशर संचालकों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त सर्जिकल स्ट्राइक की है। मैहर कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी के कड़े रुख और सीधे निर्देश पर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति द्वारा मंगलवार (16 जून 2026) को तहसील मैहर क्षेत्र में संचालित विभिन्न स्टोन क्रेशरों पर अचानक दबिश दी गई। इस सघन जांच अभियान के दौरान नियमों और स्वीकृत शर्तों का सरेआम उल्लंघन पाए जाने पर टास्क फोर्स ने तत्काल एक्शन लेते हुए 5 बड़े स्टोन क्रेशरों को सीज कर उन पर ताला जड़ दिया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से जिले के खनिज माफियाओं और रसूखदार क्रेशर संचालकों में हड़कंप का माहौल है।

जांच में खुली पोल, न बाउंड्रीवॉल मिली और न ही डस्ट रोकने के इंतजाम
एसडीएम और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने जब मैहर क्षेत्र के क्रेशरों का औचक निरीक्षण किया, तो वहां नियमों को पूरी तरह ताक पर रखा पाया गया। टीम ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की बारीकी से पड़ताल की:
- कागजातों और उपकरणों की कमी: जांच के दौरान क्रेशरों में सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय अनुमति (Environmental Clearance), भूमि डायवर्सन (व्यपवर्तन) के दस्तावेज और भंडारित खनिज की मात्रा में भारी विसंगति पाई गई।
- प्रदूषण नियंत्रण तंत्र फेल: एनजीटी (NGT) के नियमों के मुताबिक क्रेशर क्षेत्र में धूल उड़ाने से रोकने के लिए वाटर स्प्रिंकलर (पानी के छिड़काव के यंत्र), अनिवार्य वृक्षारोपण और चारों तरफ पक्की बाउंड्रीवॉल का होना आवश्यक है, जो निरीक्षण में गायब या बंद मिले।
इन 5 नामजद स्टोन क्रेशरों पर प्रशासन ने जड़ा ताला; किए गए सीज
खनिज एवं पर्यावरण नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर टास्क फोर्स ने मौके पर ही जब्ती और सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। सीज किए गए क्रेशरों की सूची इस प्रकार है:
- जय बजरंग स्टोन क्रेशर – स्थान: तिलोरा (मैहर)
- विंध्यवासिनी स्टोन क्रेशर – स्थान: बठिया (मैहर)
- मां शारदा स्टोन क्रेशर – स्थान: रेउसा (मैहर)
- अन्नपूर्णा स्टोन क्रेशर – स्थान: सिरमीली (मैहर)
- साई स्टोन क्रेशर – स्थान: बठिया (मैहर)
एसडीएम दिव्या पटेल के नेतृत्व में मैदान में उतरा था भारी अमला; जांच जारी रहेगी
प्रशासनिक एवं विभागीय एक्शन अपडेट —
“कलेक्टर के आदेश पर हुई इस कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने के लिए मैहर एसडीएम सुश्री दिव्या पटेल खुद मैदान में उतरीं। उनके साथ जांच दल में मैहर तहसीलदार जितेंद्र कुमार पटेल, पर्यावरण अधिकारी जी.के. बैगा, सहायक खनिज अधिकारी महेंद्र सिंह एवं आशुतोष मिश्रा सहित संबंधित क्षेत्रों के राजस्व निरीक्षक (RI) और हल्का पटवारी भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं; जिले में कहीं भी अवैध उत्खनन या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले उद्योगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”







