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एमपी एटीएस का देशव्यापी टेरर नेटवर्क पर बड़ा पर्दाफाश: चार राज्यों में फैला था एक ही पाकिस्तानी हैंडलर का मकड़जाल; गरीब और अविवाहित युवक थे मुख्य निशाने पर

एमपी एटीएस का देशव्यापी टेरर नेटवर्क पर बड़ा पर्दाफाश: चार राज्यों में फैला था एक ही पाकिस्तानी हैंडलर का मकड़जाल; गरीब और अविवाहित युवक थे मुख्य निशाने पर

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The Khabrilal

Published On: Jun 16, 2026, 8:38 PM IST

Updated On: Jun 16, 2026, 8:39 PM IST

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भोपाल (राज्य ब्यूरो): मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (MP ATS) को देश विरोधी गतिविधियों और संदिग्ध टेरर मॉड्यूल के खिलाफ जारी जांच में एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली सफलता हाथ लगी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों से चल रही मैराथन पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इन सभी के तार सीमा पार बैठे एक ही ‘पाकिस्तानी हैंडलर’ से जुड़े हुए थे। यह पाकिस्तानी हैंडलर भारत के विभिन्न राज्यों में अपनी जड़ों को मजबूत करने के लिए एक खतरनाक नेटवर्क संचालित कर रहा था, जिसके निशाने पर मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर (गरीब) और अविवाहित युवक थे। एटीएस अब इन आरोपियों की अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और बड़े आतंकी संगठनों से कनेक्शन की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।

एमपी, यूपी, राजस्थान और बिहार तक फैले हैं देशविरोधी नेटवर्क के तार

एटीएस के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • चार राज्यों से हुई गिरफ्तारियां: एटीएस ने अब तक इस नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार से एक-एक आरोपी को दबोचा है। आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने लगभग हर राज्य में अपने स्लीपर सेल या स्थानीय मददगार तैयार कर लिए हैं।
  • पाकिस्तान भेजने की थी तैयारी: पूछताछ में यह बेहद डरावना तथ्य भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए जाल में फंसाए गए युवकों को अत्याधुनिक हथियारों और देश विरोधी गतिविधियों के विशेष प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के लिए चोरी-छिपे पाकिस्तान भेजने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी।

सहारनपुर के नईम से लेकर अलवर के शाकिर तक; आमने-सामने बिठाकर होगी पूछताछ

इस अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए एटीएस ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है:

  1. नईम की रिमांड बढ़ी, फराज जेल में: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध नईम अब्दुल्ला की पुलिस रिमांड अवधि को अदालत के आदेश के बाद 20 जून 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। वहीं, भोपाल से गिरफ्तार किए गए आरोपी फराज को शुरुआती पूछताछ के बाद न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेज दिया गया है।
  2. इजहार की एंट्री और ट्राई-इंटर्रोगेशन: बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किए गए आरोपी इजहार उल हक को एटीएस की विशेष टीम भोपाल लेकर पहुंच चुकी है। अब एटीएस के अधिकारी राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार शाकिर मेव, नईम अब्दुल्ला और इजहार उल हक को एक साथ आमने-सामने बैठाकर (Cross-Questioning) पूछताछ करेंगे, ताकि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।

फंडिंग के रास्तों और डिजिटल ट्रेल को खंगाल रही है सुरक्षा एजेंसियां

सुरक्षा ग्रिड एवं जांच अपडेट —
“एमपी एटीएस के जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए पाकिस्तानी हैंडलर के पास पैसा कहाँ से आ रहा था। आरोपियों के बैंक खातों, संदिग्ध हवाला ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया के कूटप्रूफ (Incripted) चैट्स को खंगाला जा रहा है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या यह हैंडलर किसी वैश्विक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन का हिस्सा है या स्वतंत्र रूप से लोन-वुल्फ अटैक या स्लीपर सेल तैयार करने की साजिश रच रहा था।”

एटीएस की इस मुस्तैदी और समय रहते की गई कार्रवाई से विंध्य और पूरे मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में किसी बड़ी अप्रिय साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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