मैहर/अमरपाटन : मैहर जिले के अमरपाटन न्यायालय से संगीन अपराध में न्याय का बड़ा फैसला सामने आया है। ताला थाना क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ में चरित्र संदेह के चलते अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले पति रामचरण बंसल को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले में सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाहों के मुकर (हॉस्टाइल) जाने के बावजूद अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, फॉरेंसिक सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी को सख्त सजा दी है।

हादसा साबित करने की रची थी साजिश, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली झूठी कहानी की पोल
अभियोजन पक्ष और अतिरिक्त लोक अभियोजक पंकज पटेल के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात 12 सितंबर 2024 की रात रामगढ़ गांव में घटित हुई थी। आरोपी रामचरण बंसल ने चरित्र पर शक को लेकर हुए विवाद के बाद आपा खो दिया और अपनी पत्नी ज्योति बंसल की बांस के डंडे व भारी वस्तु से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की और दावा किया कि महिला हैंडपंप पर पानी भरते समय गिरकर घायल हुई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला के सिर पर किसी भारी चीज से ताबड़तोड़ वार किए गए थे, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
अमरपाटन कोर्ट का सख्त फैसला: अनाथ हुए दो मासूम बच्चों को मिलेगा मुआवजा
ताला थाना पुलिस द्वारा अमरपाटन के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय में पेश किए गए इस मामले की सुनवाई करते हुए द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विवेक सक्सेना ने वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को आधार मानकर आरोपी रामचरण को दोषी ठहराया। कोर्ट ने कहा कि गवाह भले ही मुकर गए हों, लेकिन मेडिकल और फोरेंसिक सबूत झूठे नहीं हो सकते। वहीं, मां की मौत और पिता के जेल जाने से अनाथ व बेसहारा हुए दो मासूम बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सतना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को नियमानुसार जल्द से जल्द मुआवजा राशि दिलाने के निर्देश जारी किए हैं।










