मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में जर्जर इमारतों और कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। मैहर जिले की ग्राम पंचायत घोरबई में सोमवार देर शाम अनवरत बारिश के चलते एक पुराना व जर्जर मकान अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। गनीमत यह रही कि हादसा होने के समय मकान के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि मकान में रखा घरेलू सामान मलबे के नीचे दबकर पूरी तरह नष्ट हो गया है।

सूझबूझ से बचीं जानें; गौरा बाई तिवारी का था मकान
इस घटना और प्रभावित परिवार से जुड़ी मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- गौरा बाई तिवारी का था मकान: यह जर्जर मकान ग्राम घोरबई (पोस्ट आजमाइन) निवासी स्वर्गीय हरिहर प्रसाद तिवारी की पत्नी गौरा बाई तिवारी का था।
- समय रहते खाली किया था घर: मकान की हालत काफी समय से अत्यंत जर्जर बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता और खतरे को भांपते हुए परिजनों ने सूझबूझ दिखाई और कुछ समय पहले ही इस मकान को छोड़कर दूसरे सुरक्षित घर में रहना शुरू कर दिया था।
- मलबे में दबा सामान: पुराने मकान का उपयोग परिवार द्वारा केवल घरेलू सामान रखने के लिए किया जा रहा था। अचानक दीवारें और छत गिर जाने से सारा सामान मलबे के नीचे दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
पीड़ित परिवार ने लगाई आर्थिक सहायता की गुहार
मकान के पूरी तरह जमींदोज हो जाने से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति पहुँची है। घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने जिला प्रशासन व स्थानीय राजस्व अमले से अपील की है कि मौके पर पहुंचकर नुकसान का पारदर्शी सर्वे कराया जाए और शासन के नियमानुसार उचित आर्थिक राहत व मुआवजा राशि स्वीकृत की जाए।
घटना का संक्षिप्त ढांचा (Incident Snapshot Matrix)
- स्थान: ग्राम घोरबई, पोस्ट आजमाइन (ग्राम पंचायत घोरबई, जिला मैहर)।
- मकान मालिक: गौरा बाई तिवारी (पति स्व. हरिहर प्रसाद तिवारी)।
- कारण: लगातार बारिश के कारण जर्जर दीवारें व छत ढहना।
- जनहानि/पशुहानि: शून्य (समय रहते मकान खाली करने से बड़ा हादसा टला)।
- नुकसान का स्वरूप: मकान पूरी तरह नष्ट, घरेलू सामान मलबे में दबा।
- मुख्य मांग: राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का सर्वे एवं आर्थिक मुआवजा।







