मैहर सिविल अस्पताल की बदहाली पर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी का कड़ा प्रहार: CMHO डॉ. मनोज शुक्ला और सिविल सर्जन डॉ. S.B. अवधिया को कारण बताओ नोटिस जारी; ३ दिनों में सुधार और स्पष्टीकरण न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

मैहर: मध्य प्रदेश के नए जिले मैहर की स्वास्थ्य व्यवस्था और सिविल अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सिविल हॉस्पिटल मैहर में साफ-सफाई का बुरा हाल पाए जाने और कई गंभीर किस्म की अनियमितताओं के सामने आने के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने सतना/मैहर क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला और सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. अवधिया को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस थमा दिया है।

डिप्टी कलेक्टर की औचक जांच में खुली बदहाली की पोल

इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • डिप्टी कलेक्टर के निरीक्षण में मिली खामियां: कलेक्टर के निर्देश पर बीते 8 जुलाई को डिप्टी कलेक्टर द्वारा सिविल हॉस्पिटल मैहर का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण रिपोर्ट में अस्पताल परिसर और वार्डों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद दयनीय पाई गई। इसके अलावा मरीजों के इलाज और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी कई अन्य गंभीर खामियां भी उजागर हुईं।
  • ३ दिनों का अल्टीमेटम: जारी नोटिस में कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोनों जिम्मेदार अधिकारी 3 दिवस के भीतर अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं में सुधार लाएं और अपना लिखित स्पष्टीकरण कलेक्ट्रेट में प्रस्तुत करें।

लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

कलेक्टर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 3 दिनों की समय-सीमा के भीतर अस्पताल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ या प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो दोनों वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। कलेक्टर के इस सख्त एक्शन से जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई का सांख्यिकीय ढांचा (Administrative Action Matrix)

  • स्थान: सिविल हॉस्पिटल मैहर, जिला मैहर (म.प्र.)।
  • कार्रवाईकर्ता: श्रीमती बिदिशा मुखर्जी (कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, मैहर)।
  • नोटीस प्राप्तकर्ता अधिकारी: डॉ. मनोज शुक्ला (CMHO) एवं डॉ. एस.बी. अवधिया (सिविल सर्जन)।
  • जांच अधिकारी: डिप्टी कलेक्टर (8 जुलाई के निरीक्षण के आधार पर)।
  • मुख्य कारण: अस्पताल में गंदगी, अव्यवस्थाएं और गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं।
  • दी गई समय-सीमा: 03 दिवस (सुधार एवं स्पष्टीकरण हेतु)।

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