सतना (रामपुर बघेलान): मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील कार्यालय परिसर में मंगलवार को जनसुनवाई के उपरांत अभूतपूर्व हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार, राजस्व प्रकरणों में हिलाहवाली और राशन कालाबाजारी से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और आक्रोशित महिलाओं व ग्रामीणों ने स्थानीय एसडीएम व तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

गाड़ी से नीचे उतरे कलेक्टर, ४५ मिनट की मशक्कत के बाद निकला काफिला
इस बड़े जन-आक्रोश और पुलिसिया कार्रवाई की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- रास्ता रोककर नारेबाजी: जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जैसे ही कलेक्टर कलेक्ट्रेट/तहसील परिसर से रवाना होने लगे, बाहर मौजूद भीड़ ने उनकी गाड़ी के आगे घेरा बना लिया और ‘एसडीएम-तहसीलदार मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
- खुद ग्रामीणों के बीच पहुंचे कलेक्टर: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस स्वयं गाड़ी से नीचे उतरे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उग्र शोर-शराबे के कारण वार्ता सफल नहीं हो सकी।
- पुलिस की समझाइश से निकला काफिला: घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस ने भीड़ को गाड़ी के आगे से हटाया, तब जाकर कलेक्टर का काफिला आगे बढ़ सका।
लंबित राजस्व मामले और राशन कालाबाजारी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों का आरोप था कि रामपुर बघेलान तहसील कार्यालय में नामांतरण, सीमांकन और बटवारे के प्रकरण महीनों से लंबित पड़े हैं और आम जनता को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को सरकारी राशन नहीं मिल रहा है और कोटेदार खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि “जब जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर आए हैं, तो वे केवल आवेदन लेकर न जाएं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों पर मौके पर ही कार्रवाई कर हमारी समस्याओं का तत्काल समाधान कराएं।”
घटना का संक्षिप्त विवरण (Protest & Disturbance Matrix)
- घटना स्थल: तहसील कार्यालय परिसर, रामपुर बघेलान (जिला सतना, म.प्र.)।
- प्रभावित अधिकारी: डॉ. सतीश कुमार एस (कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सतना)।
- विरोध की वजह: राजस्व मामलों में देरी, राशन वितरण में गड़बड़ी व तहसील की मनमानी।
- प्रदर्शन का स्वरूप: कलेक्टर की गाड़ी का घेराव एवं एसडीएम-तहसीलदार विरोधी नारेबाजी।
- गतिरोध की अवधि: लगभग 45 मिनट (पुलिस बल के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य)।
- ग्रामीणों की मुख्य मांग: पेंडिंग केसों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण एवं दोषियों पर कार्रवाई।






