Sign In
/
/
मैहर में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में लापरवाही पर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी का बड़ा प्रहार: एक दर्जन से अधिक अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, १ दिन का वेतन काटने का फरमान; अमरपाटन BMO, CMO व तहसीलदार भी कार्रवाई की जद में

मैहर में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में लापरवाही पर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी का बड़ा प्रहार: एक दर्जन से अधिक अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, १ दिन का वेतन काटने का फरमान; अमरपाटन BMO, CMO व तहसीलदार भी कार्रवाई की जद में

[inb_subtitle]

विज्ञापन

The Khabrilal

Published On: Jul 21, 2026, 9:14 PM IST

Updated On: Jul 21, 2026, 9:14 PM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!

मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जनसमस्याओं के निराकरण और सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) के प्रकरणों में हीलाहवाली बरतने वाले प्रशासनिक तंत्र पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक के दौरान प्रकरणों के निपटारे में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी करने के साथ ही उनका एक दिवस का वेतन काटने के स्पष्ट आदेश जारी किए हैं।

अमरपाटन BMO, CMO, रेंजर और तहसीलदार पर भी गिरी गाज

कलेक्टर की समीक्षा बैठक के बाद हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • कार्रवाई की जद में आए प्रमुख अधिकारी: समीक्षा के दौरान मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने पाया कि कई विभागों के विभागाध्यक्ष शिकायतों का समय-सीमा में निस्तारण नहीं कर रहे थे। गाज गिरने वाले अधिकारियों में अमरपाटन के बीएमओ डॉ. सतनामी, नगर परिषद सीएमओ सुषमा मिश्रा, वन विभाग के रेंजर और स्थानीय तहसीलदार समेत विभिन्न विभागों के एक दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल हैं।
  • वेतन काटने के कड़े निर्देश: खराब रैंकिंग और पेंडेंसी से नाराज कलेक्टर ने सभी दोषी अधिकारियों के 1 दिन का वेतन काटने के निर्देश कोषालय व संबंधित विभागों को जारी कर दिए हैं।

कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी का कड़ा संदेश: गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा में हो समाधान

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी है कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज आम जनता की शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर या रस्म अदायगी के लिए न किया जाए। प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निवारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी इससे कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासनिक कार्रवाई का सांख्यिकीय ढांचा

  • स्थान: जिला मैहर (मध्य प्रदेश)।
  • कार्रवाईकर्ता अधिकारी: बिदिशा मुखर्जी (कलेक्टर, मैहर)।
  • कारण: सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में असंतोषजनक प्रदर्शन/लापरवाही।
  • प्रभावित अधिकारी: 12 से अधिक अफसर (BMO डॉ. सतनामी, CMO सुषमा मिश्रा, रेंजर, तहसीलदार आदि)।
  • दंडात्मक कार्रवाई: कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) एवं 1 दिन का वेतन काटने का आदेश।
  • मुख्य प्राथमिकता: जनसमस्याओं का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण।

होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू