सतना/उचेहरा: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। उचेहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली परसमनिया पुलिस चौकी के ग्राम पंचायत महाराजपुर के पिपरा गांव में रविवार को एक गहरे तालाब में डूबने से दो सगे मासूम भाई-बहन की अकाल मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चों के असमय चले जाने से पूरे अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। पीड़ित माता-पिता की दुनिया पूरी तरह उजड़ गई है और परिजनों का विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम हैं।

अरुण सिंह गोंड के इकलौते चिराग डूबे; घर के पास स्थित जलाशय में हुआ हादसा
पिपरा गांव में घटित इस हृदयविदारक घटनाक्रम की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- नहाने के दौरान गहरे पानी में उतरे मासूम: पुलिस से प्राप्त प्राथमिक विलेखों के अनुसार, पिपरा गांव निवासी अरुण सिंह गोंड का 7 वर्षीय पुत्र शुभम गोंड और उनकी 5 वर्षीय पुत्री अक्षिता गोंड दोपहर के समय घर के समीप ही स्थित एक स्थानीय तालाब पर नहाने के लिए गए थे। खेलते-खेलते दोनों मासूम बच्चे पानी के तेज बहाव और गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और अचानक गहरे पानी में समा गए।
- देर तक न लौटने पर शुरू हुई खोजबीन: जब काफी समय बीत जाने के बाद भी दोनों मासूम घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। स्वजनों ने ग्रामीणों की मदद से तालाब के चारों ओर और घाटों पर सघन खोजबीन शुरू की।
ग्रामीणों ने शवों को बाहर निकाला; परसमनिया चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की वैधानिक जांच
परिजनों की खोजबीन के दौरान बच्चों की कड़ियाँ तालाब से ही जुड़ीं, जहां भारी विवशता का सामना करना पड़ा:
- तोड़ चुका था दम: ग्रामीणों ने जब पानी के भीतर उतरकर तलाशी ली, तो कुछ ही देर में शुभम और अक्षिता दोनों को अचेत अवस्था में बाहर निकाल लिया गया। परिजनों ने तुरंत सांसें टटोलकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों मासूमों का प्राणांत हो चुका था।
- शवों का कराया गया पोस्टमार्टम: घटना की भयावहता की सूचना मिलते ही परसमनिया पुलिस चौकी की विंग तुरंत दल-बल के साथ पिपरा गांव पहुंची। पुलिस अमले ने घटनास्थल का विधिक निरीक्षण करने के बाद दोनों मासूम बच्चों के शवों को अपने कब्जे में लिया। पंचनामा विलेख तैयार करने के बाद शवों को विधिक विच्छेदन (पोस्टमार्टम) के लिए शासकीय मरचुरी भिजवाया गया।
प्रशासनिक विंग द्वारा पीड़ित परिवार को विधिक सहायता की तैयारी
प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी वैधानिक राहत की कड़ियाँ —
“उचेहरा थाना और स्थानीय पुलिस विंग ने मर्ग डायरी दर्ज कर मामले की विधिक जांच शुरू कर दी है. इसके साथ ही कलेक्ट्रेट की राजस्व विंग और स्थानीय पटवारी को निर्देशित किया गया है कि वे प्राकृतिक आपदा और दुर्घटना के तहत पीड़ित परिवार के विलेख तैयार करें.
शासन के नियमों के अनुसार पीड़ित माता-पिता को तत्परता से विधिक आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कराई जाएगी। वहीं, पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों से अपील की है कि वे बारिश के इस मौसम में बच्चों को अकेले नदी, तालाब या जलाशयों की ओर न जाने दें ताकि ऐसी दर्दनाक कड़ियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।”







