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दतिया उपचुनाव में टिकट कटने पर भड़का नरोत्तम समर्थकों का गुस्सा, NH-44 पर भारी पथराव में एसपी घायल: 15 किलोमीटर लंबा लगा भीषण जाम; आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने पर भाजपा जिला कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा

दतिया उपचुनाव में टिकट कटने पर भड़का नरोत्तम समर्थकों का गुस्सा, NH-44 पर भारी पथराव में एसपी घायल: 15 किलोमीटर लंबा लगा भीषण जाम; आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने पर भाजपा जिला कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा

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The Khabrilal

Published On: Jul 11, 2026, 7:54 AM IST

Updated On: Jul 11, 2026, 7:54 AM IST

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दतिया: मध्य प्रदेश की सियासत के ‘गढ़’ माने जाने वाले दतिया (Datia) से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद उग्र राजनैतिक खबर सामने आ रही है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा टिकट की घोषणा करते ही पूरे इलाके में भारी बवाल और हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया है। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का पत्ता काटते हुए संघ पृष्ठभूमि के नेता आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। इस फैसले के विरोध में नरोत्तम समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान हुए उग्र पथराव में दतिया एसपी (Superintendent of Police) समेत छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

खरीदा धरा रह गया नामांकन; भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाह सहित पूरी कार्यकारिणी का इस्तीफा

दतिया में उपजे इस राजनैतिक और प्रशासनिक संकट की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • दतिया एसपी समेत 6 पुलिसकर्मी लहूलुहान: टिकट कटने से आक्रोशित हजारों समर्थकों ने दतिया को जोड़ने वाले मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मोर्चा संभाल लिया। देखते ही देखते प्रदर्शनकारी इतने उग्र हो गए कि उन्होंने मौके पर स्थिति संभालने पहुंचे प्रशासनिक अमले और पुलिस विंग पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में दतिया एसपी और एएसपी (ASP) की टीम के कुल छह जवान चोटिल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है।
  • सामूहिक इस्तीफे से हड़कंप: नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी को लेकर कार्यकर्ता इस कदर आश्वस्त थे कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही उनका नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था। ऐन वक्त पर टिकट कटने से नाराज बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाह ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी जिला कार्यकारिणी के साथ सामूहिक रूप से अपने विधिक पदों से इस्तीफा सौंप दिया है।

बीजेपी दफ्तर में कार्यकर्ताओं को कैद करने का आरोप; 30 जुलाई को होना है मतदान

हाईवे पर तैनात विशेष सुरक्षा विंग और स्थानीय नाराज कार्यकर्ताओं के विलेखों के अनुसार वर्तमान स्थितियां बेहद तनावपूर्ण हैं:

  1. कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश: प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यकर्ताओं का विधिक आरोप है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से रातभर रामधुन गाकर केंद्रीय नेतृत्व से नरोत्तम जी के नाम पर पुनर्विचार की मांग कर रहे थे। लेकिन स्थानीय पुलिस और कलेक्ट्रेट प्रशासन ने बर्बरता दिखाते हुए कार्यकर्ताओं को बीजेपी कार्यालय के भीतर ही नजरबंद (कैद) कर दिया, जिससे गुस्सा और भड़क गया।
  2. क्यों हो रहा है उपचुनाव: साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को चुनाव हराया था। लेकिन अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक विधिक अदालत ने राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी के मामले में 3 साल की सजा सुना दी, जिसके चलते नियमतः उनकी विधायकी रद्द हो गई। अब इस रिक्त सीट पर आगामी 30 जुलाई 2026 को मतदान होना सुनिश्चित हुआ है।

डैमेज कंट्रोल में जुटे प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, हाईवे खाली कराने के लिए भारी पुलिस बल तैनात

प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी वैधानिक कार्रवाई की कड़ियाँ —

“टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए बयान दिया है कि नरोत्तम मिश्रा उनके राजनैतिक अभिभावक हैं और वे स्वयं उनके पास विधिक मार्गदर्शन और चुनाव प्रचार की कमान संभालने का आग्रह करने जाएंगे.

हालांकि, नेशनल हाईवे-44 पर करीब 15 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लगा हुआ है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आईजी (IG) और कलेक्ट्रेट विंग के निर्देश पर पड़ोसी जिलों से भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहन दतिया भेजे गए हैं ताकि विधिक रूप से हाईवे को खाली कराया जा सके और उपद्रवियों को चिन्हित कर उन पर विधिक मुकदमा दर्ज किया जा सके।”

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