रामनगर/मैहर : अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित वित्तीय अनियमितता और चोरी के विलेखों को लेकर पूरे मध्य प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शनिवार को रामनगर में महिला कांग्रेस की विंग ने एक बड़ा मोर्चा खोला। महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव और नगर परिषद अध्यक्ष दीपा दीपू मिश्रा के कुशल नेतृत्व में तहसील कार्यालय परिसर स्थित ऐतिहासिक त्रिमूर्ति मंदिर प्रांगण में एक दिवसीय विधिक उपवास और ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने आहुति देकर सरकार की प्रशासनिक मुस्तैदी पर गंभीर सवाल दागे।

दीपा मिश्रा के नेतृत्व में उमड़ी महिला विंग; आस्था के केंद्र पर विधिक सुरक्षा की मांग
रामनगर तहसील परिसर में हुए इस धार्मिक-राजनैतिक प्रदर्शन की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- मंत्रोच्चार के बीच सद्बुद्धि यज्ञ: महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने त्रिमूर्ति मंदिर प्रांगण में बैठकर भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि वे व्यवस्थापकों और सरकार को सद्बुद्धि दें। यज्ञ के माध्यम से मांग की गई कि करोड़ों सनातनियों की अटूट आस्था के केंद्र में हुए इस विलेख की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि दोषियों को विधिक रूप से दंडित किया जा सके।
- सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार: प्रदेश सचिव दीपा मिश्रा ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि जो सरकार दिन-रात धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति की कड़ियाँ जोड़ती है, वह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मंदिर की विधिक व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी पूरी तरह विफल साबित हुई है। चढ़ावे की चोरी के आरोप श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाले हैं।
रामनगर कलेक्ट्रेट विंग तक गूंजी आवाज: शीर्ष महिला नेताओं ने संभाली विलेखों की कमान
इस एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम में अंचल की प्रमुख महिला जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की कड़ियाँ एकजुट नजर आईं:
- महापौर और पार्षदों की विधिक मौजूदगी: कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव आरती सिंह और स्थानीय पार्षद सुल्ताना परवीन, नीलम त्रिपाठी व सुनीता विश्वकर्मा ने अग्रिम पंक्ति में बैठकर सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाला।
- व्यापक जनभागीदारी: विनीता दहिया, लक्ष्मी शुक्ला, लक्ष्मी कुशवाहा, प्रतिमा द्विवेदी, आरती तिवारी और रीता दहिया सहित शर्मीला सेन, राजकुमारी, प्रभा, सबिता पटेल, सरोज कुशवाहा, रमजानी, सुनीता पटेल, नीलम बुनकर, माया शुक्ला, पुष्पा गौतम, गायत्री साहू, गुड़िया साहू, नीलम, सुनैना पटेल, गुड़िया कोल, शिवकुमारी कोल, अनुराधा कोल और पूजा कुशवाहा जैसी सैकड़ों जमीनी कार्यकर्ताओं ने उपवास विलेख का पूर्ण समर्थन किया।
प्रशासनिक अमले को सौंपेंगे विधिक ज्ञापन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विभागीय मुस्तैदी और आगामी वैधानिक रणनीति की कड़ियाँ —
“नगर परिषद अध्यक्ष दीपा मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रतीकात्मक उपवास नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों रामभक्तों की विधिक आवाज है. यदि केंद्र और राज्य सरकार की जांच विंग ने इस मामले में लीपापोती करने की कोशिश की, तो महिला कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक उग्र विधिक आंदोलन छेड़ेगी.
उपवास की समाप्ति पर स्थानीय प्रशासनिक विंग के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक विधिक मांग पत्र भी प्रेषित किया जा रहा है, जिसमें अयोध्या मंदिर ट्रस्ट की विधिक ऑडिट कराने की मांग शामिल है।”







