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सतना में बिजली विभाग का हाईटेक कारनामा: 40 मीटर चौड़ी उफनती नदी में ड्रोन से हटाया मछली का जाल, 11 KV लाइन का फॉल्ट सुधारा!

सतना में बिजली विभाग का हाईटेक कारनामा: 40 मीटर चौड़ी उफनती नदी में ड्रोन से हटाया मछली का जाल, 11 KV लाइन का फॉल्ट सुधारा!

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प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 30, 2026, 11:17 PM IST

Updated On: Sep 30, 2026, 11:17 PM IST

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सतना/माधवगढ़ : सतना जिले के माधवगढ़ क्षेत्र अंतर्गत चकदही घाट पर करीब 40 मीटर चौड़ी उफनती नदी के ऊपर से गुजरने वाली 11 केवी बिजली लाइन में आए बड़े तकनीकी फॉल्ट को बिजली विभाग की टीम ने हाई-टेक अंदाज में दूर कर दिया है। नदी के बीचों-बीच 11 हजार वोल्ट की मेन लाइन में फंसा मछली पकड़ने का भारी-भरकम जाल बिजली आपूर्ति में रोड़ा बना हुआ था। तेज जलभराव और नदी के रौद्र रूप को देखते हुए कर्मचारियों की जान को जोखिम में डाले बिना कनिष्ठ अभियंता (JE) और लाइन हेल्पर ने ड्रोन तकनीक का अनूठा इस्तेमाल कर सफलता हासिल की।
सतना के माधवगढ़ में 40 मीटर चौड़ी नदी में ड्रोन की सहायता से सुधारा 11 केवी बिजली लाइन का फॉल्ट
तेज बहाव में नाव का प्रयास रहा विफल, जलस्तर बढ़ने से बिजली बंद होने से परेशान थे दर्जनों गांव
जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर से जारी मूसलाधार बारिश के चलते चकदही घाट के पास नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। इसी दौरान पानी के तेज बहाव में बहकर आया मछली पकड़ने का एक बड़ा जाल भटनवारा-सोनवर्षा 11 केवी हाई-टेंशन बिजली लाइन में उलझ गया। इसके चलते लाइन में जोरदार शॉर्ट सर्किट और फॉल्ट हो गया, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। 24 सितंबर तक जारी बारिश के कारण नदी में इतना तेज उफान था कि बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा नाव के सहारे जाल निकालने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं। तेज धार में नाव को एक जगह स्थिर रखना नामुमकिन हो रहा था।
जेई शरद तिवारी और हेल्पर अमित सिंह का नवोन्मेष: ड्रोन में तार और आग बांधकर जलाया जाल
कर्मचारियों को गहरे पानी में उतारने का खतरा टालने के लिए डीसी प्रभारी व जूनियर इंजीनियर (JE) शरद तिवारी तथा लाइन हेल्पर अमित सिंह ने नवाचार करते हुए ड्रोन का सहारा लेने की योजना बनाई। स्थानीय ग्रामीणों की तकनीकी मदद से ड्रोन में एक सुरक्षित तार और आग का गोला बांधा गया। इसके बाद ड्रोन को उड़ाकर नदी के ऊपर फंसे जाल तक सटीक तरीके से पहुंचाया गया। आग की चपेट में आते ही प्लास्टिक का जाल जलकर कट गया और पानी में गिर गया। इसके बाद कर्मचारियों ने फॉल्ट क्लियर कर लाइन चालू कर दी, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
तकनीकी सतर्कता और सूझबूझ की हो रही तारीफ
डीसी प्रभारी जेई शरद तिवारी ने बताया कि उफनती नदी में कर्मचारियों को उतारना जानलेवा साबित हो सकता था, इसलिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर जोखिम रहित रास्ता निकाला गया। बिजली विभाग के इस इनोवेटिव और त्वरित एक्शन की पूरे रीवा-सतना अंचल में सराहना हो रही है।
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