उमरिया/विंध्य : मानसून सीजन की तीन महीने की बंदी के बाद मध्य प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध ‘बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व’ (Bandhavgarh Tiger Reserve) आगामी 1 अक्टूबर 2026 से पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। पार्क के कपाट खुलने से ठीक पहले बांधवगढ़ में वार्षिक ‘हाथी महोत्सव’ की धूम मची हुई है। रविवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पार्क के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय पारंपरिक आदिवासी पोशाक पहनकर स्थानीय ग्रामीणों और बैगा कलाकारों के साथ ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है।

हाथी महोत्सव में दिखा स्थानीय संस्कृति और वन्यजीवों का अनोखा मेल
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चल रहे हाथी महोत्सव का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, जंगल कर्मियों के योगदान और स्थानीय आदिवासी संस्कृति को एक साथ जोड़ना है। इस महोत्सव में हाथियों की विशेष खातिरदारी के साथ-साथ पारंपरिक गीत-संगीत और बुंदेली व बैगा व्यंजनों का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव में स्थानीय ग्रामीणों, पर्यटकों और वनकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय के नृत्य ने अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय समुदायों के बीच एक आत्मीय रिश्ता कायम करने का काम किया है।
सड़कों की मरम्मत और गाइडों की ट्रेनिंग पूरी, बुकिंग शुरू
टाइगर रिजर्व प्रशासन ने 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली ‘टाइगर सफारी’ के लिए सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुए कच्चे रास्तों (जिप्सी ट्रैक्स) की मरम्मत कर ली गई है और गाइड व जिप्सी चालकों की टीमों को ब्रीफ कर दिया गया है। 1 अक्टूबर से पर्यटक बांधवगढ़ के कोर जोन्स (ताला, मगधी और खितौली) में रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, चीतल, सांभर और अन्य वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। सफारी शुरू होने से क्षेत्र के होटल व्यवसायियों और स्थानीय गाइडों में खुशी की लहर है।










