उमरिया/रीवा संभाग : उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) में आयोजित वार्षिक ‘हाथी महोत्सव’ में इन दिनों नन्हे हाथी ‘कृष्णा’ का अलग ही जलवा देखने को मिल रहा है। सात दिवसीय इस पुनश्चर्या शिविर (रीफ्रेशर कैंप) में जहां एक ओर वरिष्ठ और व्यस्क हाथियों की जमकर खातिरदारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नन्हे कृष्णा की मासूम अदाएं, चंचलता और वनकर्मियों के साथ उसकी अठखेलियां पर्यटकों व पार्क प्रबंधन के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद किया था नन्हे हाथी का नामकरण
हाथी महोत्सव में कौतूहल का विषय बना यह वही नन्हा हाथी है, जिसका नामकरण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अपने विगत दौरे के दौरान किया था। मुख्यमंत्री द्वारा ‘कृष्णा’ नाम दिए जाने के बाद से ही यह नन्हा सदस्य बांधवगढ़ की एक नई पहचान और पर्यटकों का चहेता बन चुका है।
सीएम ने सोशल मीडिया ‘X’ पर की तारीफ
हाथी महोत्सव के दौरान नन्हे कृष्णा की मनमोहक गतिविधियों का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर ट्वीट कर इसकी तारीफ की है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि बांधवगढ़ में नन्हे कृष्णा की यह चंचलता और मासूमियत प्रकृति व वन्यजीवों के प्रति हमारे जुड़ाव को और मजबूत करती है।
हाथी महोत्सव में मिल रहा है शाही उपचार और विश्राम
उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हर साल मानसून के बाद हाथियों की सालभर की सेवा और गश्त के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए हाथी महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस दौरान हाथियों से गश्त का काम नहीं लिया जाता, बल्कि उन्हें नारियल, आम, गन्ना, सेब, केला, गुड़ और मक्का जैसी पसंदीदा चीजें खिलाकर ‘शाही दावत’ दी जाती है। साथ ही उनके स्वास्थ्य का परीक्षण और मालिश कर उन्हें पूरा विश्राम दिया जाता है।











