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मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने बुलंद की आवाज; 2 संतान की बाध्यता समाप्त करने, नियमितीकरण और डीए बढ़ाने की उठाई मांग

मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने बुलंद की आवाज; 2 संतान की बाध्यता समाप्त करने, नियमितीकरण और डीए बढ़ाने की उठाई मांग

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प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 12, 2026, 11:24 AM IST

Updated On: Sep 12, 2026, 11:40 AM IST

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मैहर (रामनगर): मध्य प्रदेश के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित न्यायोचित मांगों को लेकर मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ (विकास खंड रामनगर, जिला मैहर) ने प्रशासनिक मोर्चा खोल दिया है। संघ ने कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष को रेखांकित करते हुए मंगलवार (8 सितंबर 2026) को अनुविभागीय अधिकारी (SDM) रामनगर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम एक विस्तृत 23 सूत्रीय मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव तिवारी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शासन स्तर पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के कर्मचारी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

कर्मचारियों की प्रमुख 23 सूत्रीय मांगें: एक नजर में

मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ द्वारा शासन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
  1. पुरानी पेंशन व ग्रेच्युटी: प्रदेश में वरिष्ठता के साथ पुरानी पेंशन योजना (OPS) पुनः लागू की जाए तथा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा केंद्र के समान बढ़ाकर ₹25 लाख की जाए।
  2. स्वास्थ्य बीमा व दो संतान नियम: कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू हो और दो से अधिक संतान की बाध्यता वाले आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए।
  3. महंगाई भत्ता व पदोन्नति: केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता (DA) दिया जाए तथा लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान का लाभ मिले।
  4. शैक्षणिक व संविदा संवर्ग: शिक्षा व आदिम जाति कल्याण विभाग में नवीन शैक्षणिक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना नियुक्ति तिथि से की जाए। संविदा पर्यवेक्षकों (महिला एवं बाल विकास) तथा दैनिक वेतनभोगियों, कोटवारों व स्थाई कर्मियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जाए।
  5. स्वास्थ्य व आयुष विभाग: स्वास्थ्य विभाग में 31 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता मिले। एमपीडब्ल्यू/एएनएम संवर्ग को बिना प्रशिक्षण पदोन्नति (छत्तीसगढ़ तर्ज पर) का प्रावधान हो। आयुष विभाग के संवर्गों को समयमान वेतनमान दिया जाए।
  6. अनुकंपा नियुक्ति व भृत्य पदनाम: अनुकंपा नियुक्ति नियमों का सरलीकरण हो, सीपीटी परीक्षा अनिवार्यता संशोधन हो। ‘भृत्य’ का पदनाम बदलकर ‘कार्यालय सहायक’ तथा अमीन का पदनाम ‘सिंचाई विस्तार अधिकारी’ किया जाए।
  7. परिवार पेंशन व स्टाइपेंड: परिवार पेंशन हेतु अर्हता सेवा 33 वर्ष से घटाकर 25 वर्ष की जाए तथा नई नियुक्तियों में उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार स्टाइपेंड प्रथा समाप्त कर पुरानी 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि लागू हो।

ज्ञापन एवं संगठन का संक्षिप्त विवरण

विवरण जानकारी
संगठन मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ (संबद्ध: BMS एवं RSKM)
इकाई/स्थान विकास खंड रामनगर, जिला मैहर (कार्यालय: गोविंदपुर, रामनगर)
ज्ञापन प्रेषित मा. मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, म.प्र. शासन (द्वारा: एसडीएम रामनगर)
मुख्य मांगें OPS लागू करना, ₹25 लाख ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा, संविदा/दैनिक वेतनभोगी नियमितीकरण
प्रतिनिधि डॉ. वासुदेव तिवारी (ब्लॉक अध्यक्ष / जिला उपाध्यक्ष)

शासन की हठधर्मिता से कर्मचारियों में आक्रोश

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं (स्वास्थ्य बीमा, कर्मचारी आयोग का गठन आदि) के बावजूद अभी तक प्रशासनिक आदेश जारी नहीं किए गए हैं। सरकार के इस टालमटोल वाले रवैये से प्रदेश के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाकर मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे विंध्य सहित प्रदेश भर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
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