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मऊगंज कलेक्ट्रेट में समय-सीमा बैठक में अपर कलेक्टर पीके पांडेय सख्त: खाद वितरण, ई-केवाईसी और स्कूली बच्चों को साइकिल-किताबों के लिए १५ दिन का अल्टीमेटम; मानसून व बाढ़ राहत पर कड़े निर्देश

मऊगंज कलेक्ट्रेट में समय-सीमा बैठक में अपर कलेक्टर पीके पांडेय सख्त: खाद वितरण, ई-केवाईसी और स्कूली बच्चों को साइकिल-किताबों के लिए १५ दिन का अल्टीमेटम; मानसून व बाढ़ राहत पर कड़े निर्देश

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The Khabrilal

Published On: Jul 8, 2026, 7:43 PM IST

Updated On: Jul 8, 2026, 7:43 PM IST

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मऊगंज/राजेंद्र पयासी: नवगठित मऊगंज जिले के प्रशासनिक तंत्र को और अधिक चुस्त-दुरुस्त तथा जन-उत्तरदायी बनाने के विधिक उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक अत्यंत महत्वपूर्ण साप्ताहिक समय-सीमा (Time-Limit) बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर (ADM) पीके पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शासकीय योजनाओं, लंबित विलेखों और मैदानी प्रगति की कड़ाई से समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनहित और किसान कल्याण के कार्यों में किसी भी स्तर पर विधिक शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित विभागाध्यक्षों के खिलाफ दंडात्मक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रबी सीजन के लिए खाद की कालाबाजारी पर रोक; ई-विकास पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के विधिक आदेश

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस विनिमय बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित कड़ियाँ चर्चा का केंद्र रहीं:

  • किसानों को न हो खाद की असुविधा: रबी की बोनी को देखते हुए अपर कलेक्टर ने कृषि और सहकारिता विभाग को निर्देश दिए कि ई-विकास पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी अड़चनों को २४ घंटे के भीतर ठीक किया जाए। समितियों और निजी खाद विक्रेताओं पर पैनी विधिक नजर रखी जाए ताकि ब्लैक मार्केटिंग न हो सके।
  • शिक्षा विभाग को १५ दिन का अल्टीमेटम: शासकीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली मुफ्त पाठ्यपुस्तकों और साइकिलों के वितरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे युद्ध स्तर पर आगामी १५ दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पूरा करने की विधिक डेडलाइन तय की है।

सीएम हेल्पलाइन पर भड़के एडीएम; समग्र ई-केवाईसी और बिजली विभाग के जर्जर खंभों को दुरुस्त करने का रोडमैप

आमजन की विधिक शिकायतों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बैठक में कड़े प्रशासनिक तेवर देखने को मिले:

  1. संतुष्टिपूर्ण निराकरण अनिवार्य: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) की लंबित कड़ियों की समीक्षा करते हुए एडीएम ने कहा कि केवल कागजी बंदोबस्त नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ गुणवत्तापूर्ण विधिक निराकरण तय समय पर होना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अफसरों की विधिक जवाबदेही तय होगी।
  2. बाढ़ राहत और मानसून का अभेद्य प्लान: बारिश के मौसम को देखते हुए सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को जलभराव वाले नालों व नालियों की सफाई तत्काल शुरू करने के विधिक निर्देश दिए गए। बाढ़ संभावित निचले इलाकों में नाव, राहत सामग्री और मेडिकल टीमों को अभी से ‘अलर्ट मोड’ पर रखने को कहा गया है। इसके अलावा समग्र पोर्टल पर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी (e-KYC) और जल निगम की टंकियों हेतु भूमि आवंटन प्रक्रिया तेज करने की कड़ियाँ जोड़ी गईं।

एसडीएम ए.पी. द्विवेदी, हनुमना एसडीएम राजेश मेहता और डिप्टी कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी रहीं मौजूद

प्रशासनिक मुस्तैदी और मऊगंज टीम का विधिक संकल्प —

“अपर कलेक्टर पीके पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान ‘पीएमसी-एनीमिया’ (PMC-Anemia) कार्यक्रम के तहत आशा और एएनएम (ANM) कार्यकर्ताओं को सीधे फील्ड में उतारकर विधिक जांच और दवाओं का वितरण बढ़ाने को कहा है. बिजली विभाग को भी जर्जर केबल और खंभे समयबद्ध तरीके से बदलने के कड़े विधिक निर्देश दिए गए ताकि कोई जनहानि न हो.

इस विधिक समय-सीमा बैठक में मऊगंज एसडीएम ए.पी. द्विवेदी, हनुमना एसडीएम राजेश मेहता, डिप्टी कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी सहित लोक निर्माण, राजस्व, शिक्षा और जल संसाधन विभाग के समस्त जिला स्तरीय विधिक अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का मुख्य ध्येय शासन की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाना है।”

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