मैहर/नादन: विंध्य अंचल के मैहर जिले से एक बेहद दर्दनाक, हृदयविदारक और झकझोर देने वाले भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। रीवा-मैहर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) पर नादन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रिगरा ओवरब्रिज के पास सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार एसयूवी (SUV) कार सामने चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण और प्रलयंकारी थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस विधिक रूप से घातक हादसे में एक ही परिवार के पांच युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल है। मृतकों का संबंध मैहर के प्रतिष्ठित राजनीतिक घराने से बताया जा रहा है, जिससे पूरे अंचल में सन्नाटा पसर गया है।

जनपद उपाध्यक्ष का जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे अभागे युवक; तनाजा और नरोरा गांव के रहने वाले थे मृतक
जमीनी सूत्रों और पुलिस प्रशासन से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण त्रासदी की कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- खुशियों के सफर का दुखद अंत: बताया जा रहा है कि सभी युवक अमरपाटन जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष मनोज पटेल का जन्मदिन मनाने गए हुए थे। जश्न मनाने के बाद देर रात वे अपनी एसयूवी कार से मैहर की ओर वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार रिगरा ओवरब्रिज के पास पहुंची, वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे हैवी ट्रक के पिछले हिस्से में समा गई।
- मृतकों की विधिक शिनाख्त: हादसे में दम तोड़ने वाले युवकों की पहचान अंकुर पटेल (उम्र 39 वर्ष), मृदुल पटेल (उम्र 32 वर्ष), विजय पटेल (उम्र 32 वर्ष), हरिशंकर पटेल (उम्र 28 वर्ष) (चारों निवासी ग्राम तनाजा) तथा संजीव कुमार पटेल (उम्र 23 वर्ष) निवासी नरोरा (कोतवाली मैहर) के रूप में हुई है। ये सभी पूर्व विधायक लालजी पटेल के ग्राम तनाजा स्थित सगे पारिवारिक सदस्य थे। कार में सवार एक अन्य युवक ओम पटेल गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

न रफ्तार पर नियंत्रण था, न बांधा था ‘सीट बेल्ट’; लापरवाही बनी काल, बिखर गईं लाशें
हादसे के बाद पुलिस की प्राथमिक विधिक और तकनीकी जांच में सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी की कड़ियाँ उजागर हुई हैं:
- नहीं बची एयरबैग्स खुलने की विधिक संभावना: दुर्घटनास्थल के भौतिक विधिक मुआयने से यह बात प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुई है कि कार में सवार किसी भी व्यक्ति ने सुरक्षा के लिहाज से ‘सीट बेल्ट’ (Seat Belt) नहीं पहना हुआ था। अत्यधिक तेज रफ्तार होने के कारण जब कार ट्रक से टकराई, तो सीट बेल्ट न होने से सेफ्टी फीचर्स निष्क्रिय रहे और युवकों के सिर व आंतरिक अंगों में प्राणघातक चोटें आईं।
- लोहे के जाल में फंसे शव: टक्कर इतनी घातक थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़कर मलबे में बदल गए। सूचना मिलते ही नादन थाना पुलिस की विंग तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लोहे के एंगल काटकर कड़े विधिक रेस्क्यू के बाद फंसे हुए शवों और घायल ओम पटेल को बाहर निकाला।

एसपी अवधेश प्रताप सिंह खुद पहुंचे घटनास्थल; हर पहलू की बारीकी से जांच करने के विधिक निर्देश
प्रशासनिक मुस्तैदी और मैहर पुलिस का कड़ा विधिक एक्शन —
“हादसे की भयावहता को देखते हुए मैहर पुलिस अधीक्षक (SP) अवधेश प्रताप सिंह स्वयं भारी पुलिस बल के साथ आधी रात को रिगरा ओवरब्रिज पहुंचे. उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की स्थिति, सड़क की बनावट, स्पीड मैपिंग और ब्रेक विलेख कड़ियों का बारीकी से विधिक निरीक्षण किया.
एसपी ने नादन थाना प्रभारी और तकनीकी टीम को निर्देश दिए हैं कि इस विधिक मर्ग की निष्पक्ष और गहन तकनीकी जांच की जाए ताकि यह साफ हो सके कि हादसे की वजह केवल मानवीय लापरवाही (तेज रफ्तार) थी या फिर ट्रक चालक द्वारा अचानक ब्रेक मारना भी इसमें शामिल था. फिलहाल सभी पांचों शवों का पोस्टमार्टम (PM) कराकर विधिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। एक साथ उजड़े पांच घरों के कारण तनाजा और अमरपाटन अंचल के पीड़ित परिवारों में चीख-पुकार और कोहराम मचा हुआ है।”







