रामनगर में शटडाउन लेकर खंभे पर काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी लल्ला पटेल को लगा करंट। बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कराने का आरोप, संजय गांधी अस्पताल में इलाज जारी।

रामनगर/: मैहर जिले के रामनगर उपखंड क्षेत्र से बिजली विभाग की एक बेहद गंभीर, जानलेवा और घोर लापरवाही की खबर सामने आई है। यहाँ रेस्ट हाउस के पास एक सरकारी खंभे पर चढ़कर लाइन दुरुस्त कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी अचानक प्रवाहित हुए हाई-वोल्टेज करंट की विधिक चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में घायल को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) के लिए विधिक रूप से रेफर कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद बिजली विभाग के विधिक प्रबंधन और आउटसोर्स नीति पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

शटडाउन के बावजूद पावर हाउस से खोल दी सप्लाई; तड़पकर खंभे पर ही झुलसा लल्ला पटेल

जमीनी सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे हादसे की कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • विधिक शटडाउन लेकर चढ़ा था ऊपर: घायल कर्मचारी की पहचान लल्ला पटेल (आउटसोर्स लाइनमैन) के रूप में हुई है। रविवार को रामनगर रेस्ट हाउस के समीप मुख्य विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। लल्ला पटेल ने विधिक नियमों के तहत पावर हाउस से बाकायदा शटडाउन (बिजली बंद) करवाया और उसके बाद ही वे खंभे पर चढ़कर तारों को सुधार रहे थे।
  • अचानक दौड़ा मौत का करंट: जब लल्ला पटेल खंभे पर काम कर रहे थे, तभी कथित तौर पर पावर हाउस में तैनात किसी गैर-जिम्मेदार कर्मचारी ने बिना किसी विधिक सिग्नल या क्रॉस-वेरिफिकेशन के अचानक मुख्य सप्लाई चालू कर दी। तार में एकाएक करंट उतरने से लल्ला पटेल उसकी चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए।

बिना सेफ्टी ग्लव्स, बूट और बेल्ट के जान जोखिम में डाल रहे कर्मचारी; विभाग पर लगे गंभीर आरोप

इस हादसे ने बिजली कंपनी द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के विधिक और मानवाधिकारों के हनन के पुराने दावों को एक बार फिर हवा दे दी है:

  1. सुरक्षा उपकरणों का अकाल: स्थानीय नागरिकों और साथी कर्मचारियों ने विभाग पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिजली कंपनी इन आउटसोर्स कर्मियों से बिना सेफ्टी ग्लव्स (सुरक्षा दस्ताने), सेफ्टी बूट (जूते), डिस्चार्ज रॉड और बिना सुरक्षा बेल्ट के जानलेवा ऊंचाइयों पर विधिक काम कराती है।
  2. जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी: यदि कर्मचारियों को बुनियादी विधिक किट उपलब्ध कराई गई होती, तो करंट का सीधा असर शरीर पर इतना घातक नहीं होता। हादसे के बाद से ही रामनगर के जिम्मेदार विद्युत अभियंता और अधिकारी विधिक कड़ियों पर जवाब देने से बच रहे हैं।

संजय गांधी अस्पताल रीवा में जीवन-मौत की जंग लड़ रहा पीड़ित; परिजनों में आक्रोश

प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी विधिक एक्शन की कड़ियाँ —

“रीवा के संजय गांधी अस्पताल से मिली विधिक जानकारी के अनुसार, करंट से अत्यधिक झुलस जाने के कारण लल्ला पटेल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और विशेषज्ञों की टीम उनके विधिक उपचार में जुटी है.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद रामनगर अंचल के विद्युत उपभोक्ताओं और श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है. संगठनों ने मांग की है कि शटडाउन के दौरान बिजली चालू करने वाले दोषी ऑपरेटर और बिना सुरक्षा उपकरण काम कराने वाले ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत विधिक धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए. यदि पीड़ित परिवार को उचित विधिक मुआवजा और दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो अंचल में बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा विधिक आंदोलन छेड़ा जाएगा।”

Hot this week

पलक गुप्ता बनीं मिस मध्य प्रदेश 2025,मैहर जिले का नाम किया रोशन

Miss Madhya Pradesh 2025:मैहर जिले की बेटी पलक गुप्ता...

अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम SDM को सौंपा 6 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन

The Khabrilal : अतिथि शिक्षक संघर्ष समिति ब्लॉक रामनगर...

Customer Engagement Marketing: New Strategy for the Economy

I actually first read this as alkalizing meaning effecting...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img