रामनगर/मैहर: डिजिटल इंडिया के इस दौर में तेजी से पैर पसार रहे साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए मैहर पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के रामनगर अंचल में ‘Safe Click’ (सेफ क्लिक) विशेष अभियान के तहत एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। रामनगर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों ने क्षेत्र के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और वित्तीय केंद्रों का सघन दौरा कर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, बैंक कर्मियों और आम ग्राहकों को डिजिटल सुरक्षा के विधिक व व्यावहारिक गुर सिखाए।

संदीपनी से लेकर सरस्वती विद्या मंदिर तक गूंजा पुलिस का संदेश; छात्रों को सिखाए सुरक्षा के पाठ
पुलिस टीम ने युवाओं और भावी पीढ़ी को जागरूक करने के लिए क्षेत्र के प्रमुख स्कूलों में चौपाल लगाई:
- इन संस्थानों में दी दस्तक: पुलिस टीम ने संदीपनी विद्यालय, शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचकर छात्र-छात्राओं और शिक्षक स्टाफ से सीधा संवाद किया।
- फर्जी लिंक और सोशल मीडिया पर सतर्कता: थाना प्रभारी ने छात्र-छात्राओं को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही किसी “लॉटरी या फ्री रीचार्ज” वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें।
SBI और इंडियन बैंक में पहुंचे थाना प्रभारी; बैंक कर्मचारियों से की ग्राहकों को जागरूक करने की विधिक अपील
बैंकों में होने वाले वित्तीय फ्रॉड को रोकने के लिए पुलिस ने सीधे ग्राउंड जीरो पर जाकर मोर्चा संभाला:
- ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड से सावधान: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) रामनगर और इंडियन बैंक की शाखाओं में पहुंचे थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी ने मौजूद ग्राहकों को बताया कि बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV) या पिन (PIN) नहीं मांगता। फोन पर आने वाले फर्जी कॉल और खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले जालसाजों से सतर्क रहने की हिदायत दी गई।
- कैशियर और स्टाफ को विधिक सलाह: पुलिस ने बैंक प्रबंधकों और कर्मचारियों से विधिक अपील की कि वे काउंटर पर आने वाले हर ग्रामीण और बुजुर्ग ग्राहक को लेनदेन के समय साइबर सुरक्षा के प्रति अनिवार्य रूप से सचेत करें, ताकि उनकी गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सके।
ठगी होने पर तुरंत डायल करें ‘1930’ हेल्पलाइन; सुरक्षित डिजिटल ट्रांजैक्शन अपनाने का संकल्प
साइबर नोडल अधिकारी और पुलिस प्रशासन का संदेश —
“रामनगर थाना प्रभारी ने अंचल के नागरिकों को आश्वस्त किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या डिजिटल ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल (गोल्डन ऑवर के भीतर) कॉल करके अपनी शिकायत विधिक रूप से दर्ज कराएं, जिससे ठगी गई राशि को जालसाजों के खाते में ही फ्रीज कराया जा सके।
पुलिस ने सभी नागरिकों से ‘सुरक्षित डिजिटल लेनदेन’ अपनाने का संकल्प लेने की बात कही। रामनगर पुलिस के इस विधिक व सराहनीय प्रयास की अंचल के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।”






