मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन का कड़ा रुख! बोले— “दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाएं; शासकीय दुकानों के आवंटन में कोटा तय करने का बनेगा विधिक प्रस्ताव”

मऊगंज : नवगठित मऊगंज जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दिव्यांगजनों के विधिक अधिकारों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण व उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए मऊगंज जिला कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सभी विभागों के आला अधिकारियों को दोटूक विधिक निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों को मिलने वाली तमाम सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता व समयबद्ध तरीके से दिलाना सुनिश्चित किया जाए. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगों की विधिक फाइलों को लटकाने या प्रशासनिक सुस्ती बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

पीएम आवास, नियमित पेंशन और बैंकों से स्वरोजगार लोन की विधिक मांग

बैठक के दौरान अंचल से आए दिव्यांग प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी विधिक व व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से रेखांकित किया:

  • आवास से वंचित हैं पात्र दिव्यांग: दिव्यांग प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक फोरम पर बात रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की पात्रता रखने के बावजूद अंचल के कई दिव्यांग वर्षों से अपने विधिक आशियाने से वंचित हैं.
  • रुकी है पेंशन, लोन में भी देरी: प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि दिव्यांग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का नियमित व समय पर भुगतान न होने से उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा बैंकों के माध्यम से मिलने वाले स्वरोजगार ऋण (Self-employment Loan) की विधिक प्रक्रिया में भी बैंक प्रबंधन द्वारा अनावश्यक विलंब कर चक्कर कटवाए जाते हैं. उन्होंने सभी योजनाओं में दिव्यांगों को विधिक प्राथमिकता देने और पात्र परिवारों के नाम बीपीएल (BPL) सूची में तत्काल जोड़ने का विधिक आग्रह किया.

शासकीय दुकानों में दिव्यांगों का कोटा होगा फिक्स; कलेक्टर ने दिए विधिक ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश

बैठक के दौरान दिव्यांगों के आर्थिक स्वावलंबन को लेकर एक बेहद दूरगामी और ऐतिहासिक विधिक सुझाव सामने आया:

  1. शासकीय कोटे की वकालत: प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि नगरीय निकायों (नगर पालिकाओं) और ग्रामीण क्षेत्रों (जनपद पंचायतों) में भविष्य में आवंटित होने वाली शासकीय दुकानों व गुमटियों में दिव्यांगजनों के लिए एक निश्चित विधिक कोटा (आरक्षण) निर्धारित किया जाए.
  2. तत्काल विधिक प्रक्रिया शुरू: कलेक्टर संजय कुमार जैन ने इस कल्याणकारी सुझाव को बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के विधिक अधिकारियों को नगरीय और ग्रामीण दुकान आवंटन नियमों के तहत विधिक परीक्षण कर एक ठोस कोटा प्रस्ताव (Proposal) तैयार करने के विधिक निर्देश जारी कर दिए.

जिला पंचायत सीईओ और विभागीय अमला रहा मुस्तैद; संवेदनशीलता के साथ होगा आवेदनों का विधिक निराकरण

प्रशासनिक जवाबदेही और जिला प्रशासन का संकल्प —

“कलेक्टर ने कड़े लहजे में कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े दिव्यांग भाई-बहनों का विधिक सशक्तिकरण हो. इसके लिए पेंशन, आवास, ऋण और बीपीएल सूची के आवेदनों की अलग से फाइल बनाकर विशेष समीक्षा की जाए.

इस उच्च स्तरीय विधिक बैठक में जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी, जनपद सीईओ परमानंद तिवारी सहित समाज कल्याण, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक (LDM), पंचायत एवं ग्रामीण विकास और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) मुख्य रूप से उपस्थित रहे. सभी विधिक अधिकारियों ने कलेक्टर को संयुक्त रूप से भरोसा दिलाया कि दिए गए निर्देशों का धरातल पर कड़ाई से पालन किया जाएगा और लंबित विधिक प्रकरणों का त्वरित निपटारा होगा.”

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