इंदौर : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने मानसून के दौरान सड़कों पर होने वाले जलभराव और जानलेवा गड्ढों की समस्या से निपटने के लिए एक अभूतपूर्व और विधिक रूप से क्रांतिकारी कदम उठाया है. इंदौर नगर निगम (IMC) ने भारी बारिश और गीली सड़कों के बीच भी डामरीकरण (Tarring) करने वाली अत्याधुनिक ‘वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर’ (कोल्ड इमल्शन तकनीक) का शहर के सबसे व्यस्त विजय नगर चौराहे पर सफल और विधिक रूप से प्रमाणित लाइव ट्रायल (Live Demo) किया है. इस नई रोड रिपेयरिंग तकनीक के आने से अब इंदौरवासियों को बारिश के दिनों में भी उखड़ी हुई सड़कों और गड्ढों के झटकों से तत्काल विमुक्ति मिल सकेगी.

विजय नगर चौराहे पर लाइव डेमो; लगातार बारिश और जलभराव में भी कारगर
नगर निगम के इस हाई-टेक बुनियादी और विधिक प्रयोग की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- पानी से भरे गड्ढों का विधिक इलाज: पारंपरिक हॉट-मिक्स डामर तकनीक बारिश या गीली सतह पर पूरी तरह फेल हो जाती है, लेकिन इस नई ‘कोल्ड इमल्शन’ तकनीक की सबसे बड़ी विधिक व तकनीकी खासियत यह है कि यह लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, घने जलभराव और गीली सड़कों के बीच भी गड्ढों को मजबूती से तुरंत विधिक रूप से लॉक कर देती है.
- ट्रैफिक जाम से विमुक्ति: इस तकनीक से सुधारी गई सड़क महज 1 से 3 घंटे के भीतर भारी वाहनों और यातायात के लिए विधिक रूप से पूरी तरह तैयार हो जाती है, जिससे मानसून में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थाई विधिक समाधान होगा.

PWD, IDA और रेलवे के खुदाई वाले क्षेत्रों में पहले होगी मरम्मत; महापौर ने दी विधिक जानकारी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस नई तकनीकी योजना के विधिक रोडमैप को स्पष्ट करते हुए आगामी प्राथमिकताओं को साझा किया:
- समन्वय से होगा काम: महापौर ने बताया कि इंदौर शहर के भीतर वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (PWD), इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA), भारतीय रेलवे और नगर निगम के विभिन्न बड़े विधिक व निर्माण प्रोजेक्ट्स (जैसे मेट्रो और सीवरेज लाइन) के कारण कई मुख्य सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. मानसून के दौरान इन सभी संवेदनशील स्थानों पर इसी कोल्ड मिक्स डामर तकनीक से युद्धस्तर पर विधिक मरम्मत कार्य चलाया जाएगा.
- पूरे इंदौर में लागू होगा मॉडल: निगम प्रशासन ने साफ किया है कि विजय नगर चौराहे का यह विधिक ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है. आगामी दिनों में इसके स्थायित्व और मौसम प्रतिरोधक क्षमता की विधिक समीक्षा की जाएगी. यदि इसके जमीनी परिणाम लगातार बेहतर और टिकाऊ पाए जाते हैं, तो पूरे इंदौर शहर की सड़कों को ‘गड्ढामुक्त’ रखने के लिए इस विधिक तकनीक को स्थाई रूप से अंगीकार कर लिया जाएगा.
स्मार्ट सिटी इंदौर का ‘स्मार्ट रोड’ रिपेयरिंग प्लान; इंजीनियर्स को मुस्तैद रहने के विधिक निर्देश
नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित रिस्पॉन्स टीम —
“इंदौर नगर निगम के जनकार्य विभाग और मुख्य अभियंताओं (Engineers) की टीम ने बताया कि इस वॉटर-बेस्ड तकनीक के इस्तेमाल से पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता है और इसके लिए भारी-भरकम मशीनों या डामर पिघलाने वाले प्लांट की विधिक आवश्यकता नहीं होती.
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निगम के सभी जोनल अधिकारियों को कड़े विधिक निर्देश दिए हैं कि वे मानसून के दौरान नागरिकों से मिलने वाली गड्ढों की ऑनलाइन व ऑफलाइन विधिक शिकायतों का निवारण इसी तकनीक के माध्यम से 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करें. इंदौर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के इस आधुनिक और जन-हितैषी विधिक प्रयोग की सराहना करते हुए इसे ‘स्मार्ट सिटी’ की अवधारणा को चरितार्थ करने वाला एक उत्कृष्ट कदम बताया है.”







