इंदौर : देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को स्वच्छता के सातवें आसमान पर बनाए रखने वाले सफाई मित्रों की सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर इंदौर नगर निगम (IMC) ने एक बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है. नगर निगम प्रशासन द्वारा लागू की गई नई विधिक व कल्याणकारी नीति के तहत, अब किसी भी सफाई मित्र या निगम कर्मचारी के साथ ड्यूटी के दौरान, अथवा काम पर आते-जाते समय कोई भी सड़क या कार्यस्थल हादसा (Accident) होता है, तो उन्हें इलाज के लिए 25 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 2 लाख 50 हजार रुपये (ढाई लाख) तक की तत्काल विधिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.

हालिया हादसों के बाद निगम ने लिया बड़ा सबक; इलाज के खर्च से मिलेगी बड़ी विमुक्ति
नगर निगम के इस ऐतिहासिक सुरक्षा कवच और वित्तीय सहायता योजना का जमीनी ब्योरा इस प्रकार है:
- चोट की गंभीरता पर तय होगी राशि: योजना के विधिक नियमों के अनुसार, दुर्घटना में आई चोट की गंभीरता, अस्पताल के मेडिकल बिलों और विधिक डॉक्टरी रिपोर्ट के आधार पर सहायता राशि (कम से कम ₹25,000 और अधिकतम ₹2.50 लाख) सीधे पीड़ित कर्मचारी या उसके आश्रितों को चिकित्सा खर्च की विमुक्ति के लिए तत्काल जारी की जाएगी.
- ईएसआईसी (ESIC) से वंचितों को संबल: यह महत्वपूर्ण निर्णय अंचल में हाल ही में हुए कुछ दुखद हादसों और सफाई मित्रों की व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. यह योजना विशेष रूप से उन जरूरतमंद श्रमजीवियों के लिए संजीवनी साबित होगी, जो कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) के दायरे में नहीं आते हैं.
ड्रेनेज-सीवरेज, मस्टर और आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ; आयुष्मान के ऊपर मिलेगी मदद
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने योजना के विधिक व तकनीकी दायरे को स्पष्ट करते हुए इसके मुख्य हितग्राहियों की जानकारी साझा की:
- चतुर्थ श्रेणी और संविदा स्टाफ कवर: इस विशेष सहायता योजना का सीधा लाभ सीवरेज और ड्रेनेज जैसी बेहद जोखिमभरी सफाई व्यवस्था में मुस्तैद जांबाज सफाई मित्रों, मस्टर रोल (Muster Roll) के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, चतुर्थ श्रेणी के स्थायी स्टाफ और आउटसोर्स (Outsource) के माध्यम से काम कर रहे संविदा कर्मियों को विधिक रूप से मिलेगा.
- विशेष बजट एलोकेशन: महापौर ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार की आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojana) के तहत मिलने वाले फ्री इलाज के अतिरिक्त भी कर्मचारियों को हरसंभव वित्तीय बैकअप देने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम ने अपने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इस मद के लिए विशेष फंड का विधिक आवंटन किया है.
सफाई मित्रों का स्वास्थ्य और आत्मसम्मान हमारी पहली प्राथमिकता— महापौर पुष्यमित्र भार्गव
सुरक्षा उपकरण और निगम का विधिक संकल्प —
“इंदौर के प्रथम नागरिक और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस विधिक योजना की घोषणा करते हुए दोटूक शब्दों में कहा कि, ‘इंदौर शहर को देश का सिरमौर बनाने वाले हमारे सफाई मित्र नगर निगम परिवार के सबसे मजबूत और अभिन्न स्तंभ हैं. उनकी ऑन-ड्यूटी सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च विधिक व नैतिक प्राथमिकता है.’
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि सीवरेज और ड्रेनेज की सफाई के दौरान सभी कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा उपकरण (Safety Gears) अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं. यदि आपातकाल में किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो बिना किसी कागजी लेटलतीफी या दफ्तरों के चक्कर काटे, पीड़ित के बैंक खाते में सहायता राशि विधिक रूप से तुरंत ट्रांसफर की जाए, ताकि उन्हें समय पर देश का सबसे बेहतरीन इलाज मिल सके.”







