इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी की इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए मासूम महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बेहद शातिर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागने की फिराक में लगे ठग का सनसनीखेज पर्दाफाश किया है. शातिर आरोपी ने ‘जीवनसाथी डॉट कॉम’ (Jeevansathi.com) पर खुद को मर्चेंट नेवी का बड़ा अधिकारी बताकर इंदौर की एक महिला से विधिक रूप से नजदीकियां बढ़ाईं, शादी का झूठा झांसा दिया और फिर खुद को ब्लड कैंसर होने का रोना रोकर इलाज के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए. जब आरोपी ठगी की रकम समेटकर देश छोड़कर रूस (Russia) भागने की फिराक में था, तभी इंदौर क्राइम ब्रांच के विधिक इनपुट पर उसे दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पर आव्रजन अधिकारियों ने दबोच लिया.

भास्कर हाइलाइट्स: जीवनसाथी डॉट कॉम पर बुना जाल, कैंसर के इलाज के नाम पर ऐंठे ₹26.86 लाख
साइबर फ्रॉड और इस हाई-प्रोफाइल ठगी की विधिक कड़ियों का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:
- फर्जी प्रोफाइल से धोखा: पुलिस से प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान जितेंद्र छोनकर उर्फ जीतू (निवासी- नोएडा, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है. जितेंद्र ने मैट्रिमोनियल साइट पर मर्चेंट नेवी अफसर की वर्दी में अपनी फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी ताकि संभ्रांत परिवारों की महिलाएं आसानी से उसके विधिक झांसे में आ सकें.
- भावनात्मक शोषण और ठगी: महिला को शादी का विधिक झांसा देने के बाद उसने धीरे-धीरे अपनी जालसाजी शुरू की. उसने महिला को विश्वास में लेने के लिए झूठ बोला कि उसे ‘ब्लड कैंसर’ जैसी जानलेवा बीमारी हो गई है और इलाज के लिए तत्काल मोटी विधिक रकम की आवश्यकता है. महिला ने शादी के पवित्र रिश्ते के भरोसे में आकर अलग-अलग किश्तों में कुल 26 लाख 86 हजार 500 रुपये आरोपी के खातों में ट्रांसफर कर दिए. रकम हाथ में आते ही आरोपी ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए और फरार हो गया.
27 जून को रूस भागने की फिराक में था जितेंद्र; लुकआउट नोटिस और इमिग्रेशन ने किया विधिक सहयोग
पीड़िता की विधिक शिकायत पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने तत्परता दिखाते हुए तकनीकी सर्विलांस के आधार पर घेराबंदी की:
- एयरपोर्ट पर अलर्ट: क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज आपराधिक मुकदमे के बाद आरोपी के खिलाफ विधिक अलर्ट जारी किया गया था. 27 जून को जब शातिर आरोपी जितेंद्र दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर मास्को (रूस) की फ्लाइट पकड़ने के लिए पहुंचा, तो इमिग्रेशन (Immigration) काउंटर पर पासपोर्ट स्कैन होते ही उसकी विधिक कुंडली सामने आ गई.
- ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाई पुलिस: दिल्ली एयरपोर्ट सुरक्षा बल ने आरोपी को तुरंत विधिक हिरासत में ले लिया और इंदौर पुलिस को सूचना दी. इंदौर क्राइम ब्रांच की एक विशेष विधिक टीम तत्काल दिल्ली पहुंची और स्थानीय न्यायालय से विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) पर इंदौर लेकर आई.
क्राइम ब्रांच की रिमांड पर आरोपी; खुल सकते हैं देशव्यापी मैट्रिमोनियल फ्रॉड के कई विधिक राज
डीसीपी क्राइम का विधिक बयान और नागरिकों के लिए एडवाइजरी —
“इंदौर क्राइम ब्रांच के आला अधिकारियों ने बताया कि आरोपी जितेंद्र छोनकर को न्यायालय में विधिक रूप से पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है. प्रारंभिक पूछताछ में अंदेशा है कि आरोपी ने देश के अन्य राज्यों (जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान) में भी कई महिलाओं को इसी तरह मर्चेंट नेवी अफसर बनकर अपनी विधिक जालसाजी का शिकार बनाया है. पुलिस उसके बैंक खातों को विधिक रूप से फ्रीज करवाकर ठगी गई राशि की रिकवरी के प्रयास कर रही है.
इंदौर पुलिस ने इस मामले के बाद आम नागरिकों, विशेषकर वैवाहिक वेबसाइट्स का उपयोग करने वाले परिवारों के लिए एक कड़क विधिक एडवाइजरी जारी की है. पुलिस का कहना है कि किसी भी ऑनलाइन अजनबी व्यक्ति द्वारा खुद को सेना, नेवी, कस्टम या विदेशी डॉक्टर बताए जाने पर उसकी विधिक व जमीनी हकीकत जाने बिना कभी भी वित्तीय लेनदेन न करें. कोई भी गंभीर बीमारी या आपातकाल का बहाना बनाकर पैसे मांगे, तो तत्काल इसकी विधिक सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराएं.”







