मऊगंज : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) और यूजीसी-नेट में कथित रूप से सामने आई विधिक अनियमितताओं, पेपर लीक और धांधली को लेकर मऊगंज जिला कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. इस दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने जिला अध्यक्ष हरिलाल कोल के साथ केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली पर जमकर विधिक व राजनीतिक निशाना साधा. बन्ना ने आरोप लगाया कि इस महा-घोटाले ने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य को पूरी तरह अंधकार में धकेल दिया है और जांच एजेंसियां मूकदर्शक बनी हुई हैं.

“जमीन-जेवर गिरवी रखकर माता-पिता ने दिलाई कोचिंग, छात्र गहरे अवसाद में”
प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने पीड़ित परिवारों और छात्रों की जमीनी पीड़ा को बेहद मुखरता से उठाया:
- तबाही की कगार पर परिवार: बन्ना ने कहा कि देश के मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखकर अपनी गाढ़ी कमाई, पुश्तैनी जमीन और जेवर तक गिरवी रखकर या भारी ब्याज पर कर्ज लेकर बड़े शहरों में कोचिंग कराई थी. लेकिन इस विधिक विफलता और पेपर लीक ने छात्रों का मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया है, जिससे कई होनहार छात्र गहरे मानसिक अवसाद (Depression) में चले गए हैं.
- माफियाओं का बोलबाला: कांग्रेस नेता ने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि केंद्र सरकार एक सुरक्षित, पारदर्शी और फूलप्रूफ परीक्षा प्रणाली तक देश को उपलब्ध नहीं करा पा रही है. दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के साथ सरेआम विधिक अन्याय हो रहा है और नकल माफिया व सॉल्वर गैंग लगातार मजबूत हो रहे हैं.
कोटा, इंदौर, पटना और दिल्ली में छात्रों से सीधा संवाद करेगी कांग्रेस; सड़क से संसद तक लड़ाई
नीट घोटाले के खिलाफ युवाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष विधिक व संवाद रणनीति तैयार की है:
- राहुल गांधी के कोटा दौरे का जिक्र: बन्ना ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया कोटा (राजस्थान) प्रवास का हवाला देते हुए बताया कि राहुल गांधी ने वहां देश भर से आए कोचिंग छात्रों से बंद कमरे में सीधा संवाद कर उनकी विधिक समस्याओं, मानसिक तनाव और वर्तमान परीक्षा सिस्टम की कमियों को गहराई से समझा है.
- देशव्यापी संवाद अभियान का शंखनाद: राहुल गांधी के इसी विज़न को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस अब देश के प्रमुख बड़े एजुकेशनल हब— कोटा, इंदौर, पटना और दिल्ली में छात्रों के बीच जाकर एक वृहद संवाद अभियान चलाने जा रही है. इस अभियान का एकमात्र विधिक उद्देश्य छात्रों के आक्रोश और उनकी जायज आवाज़ को सड़क से लेकर संसद के पटल तक मजबूती से पहुँचाना है.
“नेहरू ने देश को IIT-AIIMS दिए, आज की सरकार में शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर है”
ऐतिहासिक तुलना और वर्तमान व्यवस्था पर तीखा विधिक प्रहार —
“प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने देश के बुनियादी विकास की तुलना करते हुए कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने दूरदर्शी विज़न के तहत देश को आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM) और एम्स (AIIMS) जैसे विश्वस्तरीय और गौरवशाली संस्थान सौंपे थे, ताकि भारत का गरीब और सामान्य युवा वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर सके. लेकिन वर्तमान सरकार के राज में पूरी शिक्षा व्यवस्था का बाजारीकरण कर दिया गया है. सरकारी संस्थानों को कमजोर कर प्राइवेट कोचिंग माफियाओं को खुली छूट दे दी गई है. हर राष्ट्रीय परीक्षा के बाद पेपर लीक होना, परिणामों में विधिक गड़बड़ी और अंततः मामला कोर्ट कचहरी के चक्करों में फंस जाना अब आम बात हो चुकी है, जिससे पूरी दुनिया में भारत की साख खराब हो रही है.”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल ने मीडिया से विधिक अपील करते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवा भविष्य की विधिक सुरक्षा का सवाल है. कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव जाकर छात्रों और अभिभावकों को लामबंद करेगी. इस दौरान जिला कार्यालय में मुख्य रूप से वरिष्ठ पार्षद विश्वनाथ मिश्रा, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आशुतोष तिवारी, जनपद सदस्य शेख मुख्तार सिद्दीकी और वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में विधिक और कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे.







