खरगोन/इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर से सोमवार रात से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए एक पेट्रोकेमिकल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर का बेहद दुखद अंत सामने आया है। बुधवार दोपहर खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांधीनगर इलाके के पास नर्मदा नदी से उनका शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई विधिक शिनाख्त में मृतक की पहचान इंदौर के राजेंद्र नगर निवासी 50 वर्षीय निशांत जोशी के रूप में हुई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की पत्नी मंदसौर जिले में एसपी नारकोटिक्स (SP Narcotics) के बेहद संवेदनशील पद पर पदस्थ हैं। पुलिस को मृतक की लावारिस कार से एक भावुक सुसाइड नोट और मानसिक बीमारी के इलाज से जुड़ी एक मेडिकल फाइल भी बरामद हुई है।

सोमवार रात नर्मदा पुल पर खड़ी मिली थी कार; चचेरे भाई के नाम छोड़ा पत्र
मंडलेश्वर थाना पुलिस और इंदौर सायबर सेल से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे दर्दनाक घटनाक्रम की कड़ियां इस प्रकार हैं:
- नर्मदा पुल पर मिली थी गाड़ी: निशांत जोशी इंदौर की एक बड़ी पेट्रोकेमिकल कंपनी में बतौर एरिया सेल्स मैनेजर कार्यरत थे। सोमवार शाम को वे अचानक लापता हो गए, जिसके बाद उसी रात उनकी ऑफिशियल कार मंडलेश्वर स्थित नर्मदा नदी के मुख्य पुल पर लावारिस हालत में खड़ी पाई गई थी।
- भावुक कर देने वाला सुसाइड नोट: जब पुलिस ने बंद गाड़ी की बारीकी से तलाशी ली, तो भीतर से दो बैग, शराब की एक बोतल और इंदौर के एक निजी अस्पताल में पदस्थ उनके चचेरे भाई डॉ. विवेक जोशी के नाम लिखा एक हस्तलिखित भावुक नोट (Suicide Note) मिला। नोट में निशांत ने बेहद दर्द भरे लहजे में लिखा था— “मेरी बेटी का हर तरह से ख्याल रखना।”
मनोचिकित्सक से चल रहा था इलाज; पूर्व में भी बिना बताए चले जाते थे घर से
घटना की जांच के दौरान मृतक के व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलू भी सामने आए हैं:
- कार से मिली डिप्रेशन की फाइल: मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि वाहन से एक मेडिकल फाइल भी जब्त की गई है, जिससे विधिक रूप से स्पष्ट होता है कि निशांत जोशी पिछले कुछ समय से एक मनोचिकित्सक (Psychiatrist) की देखरेख में थे और उनका मानसिक तनाव का उपचार चल रहा था।
- पहले भी छोड़ चुके थे घर: परिजनों ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि निशांत पूर्व में भी कई बार बिना किसी को सूचना दिए अचानक घर से कहीं चले जाते थे और फिर वापस आ जाते थे, यही वजह थी कि सोमवार को उनके गायब होने पर शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य माना और अधिक चिंता नहीं की थी।
SDRF ने चलाया 24 घंटे का सर्च ऑपरेशन; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी कानूनी कदम —
“कार में मिले सुसाइड नोट पर दर्ज मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस ने तत्काल इंदौर में उनके चचेरे भाई और मंदसौर में पदस्थ एसपी नारकोटिक्स (पत्नी) को सूचना दी, जिसके बाद मंगलवार सुबह ही पूरा परिवार बदहवास हालत में मंडलेश्वर पहुंच गया था। शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को अंदेशा था कि निशांत ने पुल से नर्मदा नदी में छलांग लगाई है। इसके बाद होमगार्ड और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को बोट के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में उतारा गया। करीब 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार दोपहर करीब 3 बजे उनका शव गांधीनगर क्षेत्र के पास पानी में तैरता मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक मर्ग कायम किया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी पंकज तिवारी के मुताबिक, मौत के वास्तविक कारणों और समय का सटीक खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post Mortem Report) आने के बाद ही हो सकेगा।”







