सतना (कोठी): सतना जिले की कोठी थाना पुलिस ने क्षेत्र में कानून और व्यवस्था को चुनौती देने वाले और रसूख के बल पर रंगदारी टैक्स वसूलने वाले बदमाशों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने युवक का रास्ता रोककर उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट करने और जातिगत रूप से अपमानित कर अवैध वसूली (रंगदारी) मांगने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी कोठी थाने के रिकॉर्डेड निगरानीशुदा गुंडे हैं, जो पिछले चार महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे थे।

2 फरवरी को पवइया गाँव में हुई थी दुस्साहसिक वारदात
कोठी थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की कड़ियां और आरोपियों का आपराधिक इतिहास इस प्रकार है:
- क्या था मामला: बीते 2 फरवरी 2026 को ग्राम पवइया के रहने वाले पीड़ित रामनरेश चौधरी पिता शम्भू चौधरी का रास्ता रोककर आरोपियों ने डराया-धमकाया था और पैसों की अवैध मांग की थी।
- बात न मानने पर ढाया था जुल्म: जब पीड़ित ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने सरेआम उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, मां-बहन की गंदी गालियां दीं और उसे जातिगत रूप से अपमानित व प्रताड़ित किया।
नए कानून (BNS) और SC-ST एक्ट के तहत दर्ज था गंभीर मुकदमा
पीड़ित रामनरेश चौधरी की लिखित शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए कोठी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विशेष अधिनियम के तहत कड़ा मुकदमा दर्ज किया था:
- इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस: पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 296बी, 115(2), 119(1), 351(3), 3(5) BNS सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम यानी SC-ST एक्ट के तहत प्रकरण पंजीकृत किया था।
मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी; ये दोनों शातिर गुंडे चढ़े पुलिस के हत्थे
गिरफ्तारी और पुलिसिया एक्शन अपडेट —
“कोठी थाना प्रभारी संतोष तिवारी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए आरोपियों के छिपे होने की सटीक लोकेशन मिली थी। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने तत्काल दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। पकड़े गए शातिर बदमाशों के नाम इस प्रकार हैं:”
- अनुराग सिंह पिता दलवीर सिंह – निवासी: लोखरिहा (थाना कोठी)
- विनय उर्फ रवि सिंह पिता गुलाब सिंह – निवासी: पवइया (थाना कोठी)
आदतन अपराधी हैं दोनों बदमाश; कोठी थाने की टीम को मिली सराहना
थाना प्रभारी संतोष तिवारी के मुताबिक, अनुराग सिंह और विनय उर्फ रवि दोनों ही इलाके के आदतन अपराधी (Habitual Criminals) हैं। इनके खिलाफ पहले से ही कोठी थाने में चोरी, मारपीट और डराने-धमकाने के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके चलते इन्हें थाने का ‘निगरानीशुदा बदमाश’ घोषित किया गया था। दोनों को बुधवार को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायाधीश के आदेश पर उन्हें केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण और सफल घेराबंदी में कोठी थाने के एएसआई (ASI) अश्विनीधर द्विवेदी, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सेन, आरक्षक रामगणेश पटेल और आरक्षक रिंकू जाटव की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस की इस कार्रवाई से कोठी और आसपास के ग्रामीण अंचलों के सीधे-साधे नागरिकों ने राहत की सांस ली है।







