सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले की सिविल लाइन थाना पुलिस अपनी अजीबोगरीब कार्यशैली और घोर लापरवाही को लेकर एक बार फिर तीखे सवालों के घेरे में है। अमौधा क्षेत्र में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में जहां पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मौके पर पहुंची पुलिस टीम द्वारा रंगे हाथों पकड़े गए एक शातिर चोर के हिरासत से ही फरार हो जाने के बाद खाकी की जमकर फजीहत हो रही है। हद तो तब हो गई जब पीड़ित परिवार रात के सन्नाटे में मदद की गुहार लेकर थाने पहुंचा, तो पुलिसकर्मी मुख्य गेट पर ताला जड़कर अंदर चैन की बंसी बजाते रहे।

पड़ोसियों की सजगता पर पुलिस ने फेरा पानी
यह पूरा सनसनीखेज वाकया सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अमौधा स्थित एफसीआई (FCI) गोदाम के पास का है:
- किराए के मकान में धाबा: यहाँ आशीष मिश्रा नामक व्यक्ति के किराए के सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया था। चोर घर के अंदर घुसकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेट रहे थे।
- पड़ोसियों ने दबोचा, पुलिस ने गंवाया: रात करीब 2 बजे पड़ोसियों ने घर में संदिग्ध हलचल देखी और तुरंत सजगता दिखाते हुए डायल-112 को फोन घुमाया। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से एक चोर (संदिग्ध) को हिरासत में भी ले लिया। लेकिन इसके बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी गंभीर चूक हुई कि पकड़ा गया चोर 6 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बाद भी चकमा देकर रफूचक्कर हो गया।
चैनल गेट पर ताला लगाकर अंदर सोती रही पुलिस, बोले- सुबह 11 बजे आना
चोर के भागने के बाद जब पीड़ित आशीष मिश्रा और उनका परिवार न्याय की उम्मीद में सिविल लाइन थाने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई:
- थाने में लगा था ताला: सुरक्षा का दम भरने वाली सतना पुलिस के सिविल लाइन थाने का मुख्य चैनल गेट रात में पूरी तरह बंद था और उस पर ताला लटका हुआ था। पीड़ित परिवार घंटों बाहर खड़े होकर चिल्लाता रहा, लेकिन अंदर आराम फरमा रहे पुलिसकर्मियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
- सुबह आने की नसीहत: काफी मिन्नतें करने के बाद जब एक पुलिसकर्मी बाहर आया, तो उसने पीड़ित की मरहम-पट्टी करने या रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय साफ कह दिया कि “अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, सुबह 11 बजे जब बड़े साहब (TI) आएंगे, तभी आना।” बेचारे पीड़ित परिवार को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के रात में ही बैरंग लौटना पड़ा।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप; साख बचाने में जुटा अमला
पीड़ित आशीष मिश्रा का दर्द —
“अगर पुलिस अपनी ड्यूटी के प्रति जरा भी गंभीर और संवेदनशील होती, तो रंगे हाथों पकड़ा गया चोर कभी पुलिस की कस्टडी से भाग नहीं पाता। यह महज लापरवाही नहीं है, बल्कि अपराधियों को मूक संरक्षण देने जैसा है। हमारी जीवनभर की कमाई चली गई और पुलिस वाले सुबह आने की बात कहकर सो रहे थे।”
इस पूरे मामले का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सतना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। हालांकि, अभी तक इस गंभीर लापरवाही पर सिविल लाइन पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सूत्रों की मानें तो 6 पुलिसकर्मियों के बीच से चोर के भागने और रात में थाना बंद रखने के मामले में दोषी आरक्षकों और अधिकारियों पर जल्द ही निलंबन की गाज गिर सकती है।







