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रीवा में दिल दहला देने वाला हादसा: घर में पूजा करते समय कपड़ों में भड़की आग; गंभीर रूप से झुलसी बुजुर्ग महिला की अस्पताल में दर्दनाक मौत

रीवा में दिल दहला देने वाला हादसा: घर में पूजा करते समय कपड़ों में भड़की आग; गंभीर रूप से झुलसी बुजुर्ग महिला की अस्पताल में दर्दनाक मौत

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The Khabrilal

Published On: Jun 9, 2026, 6:56 PM IST

Updated On: Jun 9, 2026, 6:56 PM IST

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रीवा (विंध्य बिहार कॉलोनी): रीवा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली विंध्य बिहार कॉलोनी से एक बेहद ही हृदयविदारक और दुखद घटना सामने आई है। यहाँ सोमवार को अपने घर के मंदिर में भगवान की आराधना (पूजा) कर रही एक 61 वर्षीय बुजुर्ग महिला अचानक आग की लपटों की चपेट में आ गईं। हादसे में महिला बुरी तरह झुलस गई थीं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। इस असमय और दर्दनाक मौत से पूरे इलाके और परिवार में मातम पसरा हुआ है।

आरती के दीये या अगरबत्ती से भड़की चिंगारी!

  • आरधना के वक्त हुआ हादसा: मृतका की पहचान 61 वर्षीय बीना तिवारी के रूप में हुई है। वे अपने पति गोविंद तिवारी के साथ विंध्य बिहार कॉलोनी में निवास करती थीं। सोमवार को रोजाना की तरह वे अपने घर के भीतर बने मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही थीं।
  • अचानक कपड़ों ने पकड़ी आग: पूजा के दौरान एकाएक उनके पहने हुए कपड़ों ने आग पकड़ ली। जब तक वे कुछ समझ पातीं या मदद के लिए चिल्लातीं, सूती/सिंथेटिक कपड़ों की वजह से आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और वे गंभीर रूप से झुलस गईं।

संजय गांधी अस्पताल में तोड़ा दम, सिविल लाइन पुलिस जांच में जुटी

चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजन और आसपास के लोग तुरंत पीड़ित महिला को अत्यंत गंभीर हालत में उपचार के लिए रीवा के सुप्रसिद्ध संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

  1. उपचार के दौरान मौत: बर्न वार्ड में भर्ती बीना तिवारी की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की विशेष टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक झुलस जाने के कारण इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
  2. मर्ग कायम कर जांच शुरू: अस्पताल से मिली मेमो सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

शुरुआती जांच में लापरवाही या अनहोनी?

पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच और घटनास्थल के मुआयने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पूजा की थाली में जल रहे दीपक (दीये) की लौ या अगरबत्ती की सुलगती चिंगारी साड़ी/कपड़े के पल्लू से छू गई होगी, जिससे यह भीषण हादसा हुआ। हालांकि, सिविल लाइन पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि घटना के समय घर में और कौन मौजूद था और महिला को बचाने में कितनी तत्परता दिखाई गई।

एक जरूरी अपील —

अक्सर घरों में पूजा करते समय ढीले या सिंथेटिक कपड़े (जैसे साड़ी का पल्लू या दुपट्टा) अनजाने में दीये के संपर्क में आ जाते हैं। पूजा-आरती के दौरान हमेशा कपड़ों को संभाल कर रखें और मंदिर में जलते दीये को किसी सुरक्षित स्थान पर ही स्थापित करें, ताकि ऐसे आत्मघाती हादसों से बचा जा सके।

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