सिस्टम को झकझोरती तस्वीर: 5 साल की उम्र में हड्डियों का ढांचा बना मासूम पवन, कई इलाज बेअसर होने पर मैहर अस्पताल में भर्ती; डॉक्टर बोले—’जन्मजात विकृति’

मैहर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग की दावों और योजनाओं को धता बताती एक बेहद संवेदनशील और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक 5 साल का मासूम बच्चा बीमारी के कारण हड्डियों का ढांचा बनकर रह गया है। उसके शरीर का मांस पूरी तरह सूख चुका है और पसलियां साफ दिखाई दे रही हैं। अत्यधिक कमजोरी और गंभीर बीमारी से पीड़ित इस बच्चे को जब मंगलवार को मैहर सिविल अस्पताल लाया गया, तो उसकी हालत देखकर डॉक्टरों के भी होश उड़ गए। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।

पड़ोसी जिले कटनी से इलाज की आस में मैहर आया परिवार

यह मर्मस्पर्शी मामला पड़ोसी जिले कटनी से जुड़ा है, जो अब मैहर के डॉक्टरों की निगरानी में है:

  • मरीज की पहचान: 5 वर्षीय मासूम पवन सिंह, पिता रमेश सिंह, मूल रूप से कटनी जिले की बरही तहसील के खतौली बंजारिया गांव का निवासी है।
  • परिजनों का दर्द: बच्चे की हालत लगातार बिगड़ने पर उसकी मां उषा सिंह और मामी संजू सिंह उसे लेकर मैहर सिविल अस्पताल पहुंचीं। मामी संजू सिंह ने बताया कि पवन का शरीर लगातार सूखता जा रहा है, उसकी हड्डियां बाहर निकल आई हैं और शरीर टेढ़ा हो गया है। बच्चे के गले और कंधे में हमेशा तेज दर्द रहता है। कई जगह देसी-विदेशी और झाड़-फूंक का इलाज कराने के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो वे थक-हारकर उसे मैहर लेकर आए।

प्रशासनिक तालमेल पर उठे सवाल: कहाँ थीं आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता?

सतना और मैहर अंचल के ग्रामीण इलाकों में लगातार सामने आ रहे कुपोषित बच्चों के मामलों के बीच पड़ोसी जिले कटनी से आए इस मामले ने मैदानी तालमेल की पोल खोल दी है:

  • निगरानी की कमी: जानकारों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और कुपोषण उन्मूलन योजनाओं की नियमित निगरानी होती, तो मासूम पवन की हालत इतनी बदतर होने से पहले ही उसे सही इलाज मिल जाता।

सिविल सर्जन का बयान: ‘जन्मजात विकृति’ है मुख्य कारण

इस पूरे मामले में मैहर सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आर.एन. पांडेय ने बच्चे की स्थिति को लेकर तकनीकी और चिकित्सीय पहलू सामने रखा है:

“प्रथम दृष्टया यह ‘चेस्ट वॉल डिफॉर्मिटी सिंड्रोम’ (Chest Wall Deformity Syndrome) का मामला है। बच्चे में जन्मजात शारीरिक विकृति है, जिसके कारण उसकी गर्दन टेढ़ी है और हड्डियां उभरी हुई दिख रही हैं। ऐसी जन्मजात विकृति वाले बच्चों में धीरे-धीरे कुपोषण के लक्षण अपने आप भारी होने लगते हैं। फिलहाल उसे जनरल वार्ड में भर्ती कर जांच शुरू कर दी गई है। विस्तृत पैथोलॉजिकल टेस्ट (पैथोलॉजी जांच) के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।”

डॉ. आर.एन. पांडेय, सिविल सर्जन, मैहर

फिलहाल मासूम पवन डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है और अस्पताल प्रबंधन उसकी स्थिति को सामान्य करने के लिए विशेष डाइट और इलाज मुहैया करा रहा है।

Hot this week

पलक गुप्ता बनीं मिस मध्य प्रदेश 2025,मैहर जिले का नाम किया रोशन

Miss Madhya Pradesh 2025:मैहर जिले की बेटी पलक गुप्ता...

अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम SDM को सौंपा 6 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन

The Khabrilal : अतिथि शिक्षक संघर्ष समिति ब्लॉक रामनगर...

Customer Engagement Marketing: New Strategy for the Economy

I actually first read this as alkalizing meaning effecting...

मैहर के तिलौरा मध्यांचल बैंक में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

मैहर जिले के तिलौरा स्थित मध्यांचल बैंक में अचानक...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img