इंदौर : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के जाल सभागृह में आयोजित एक भव्य जल संवर्धन कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने अंचल के पर्यावरण संरक्षण, भूजल स्तर को सुधारने और आगामी मानसून सत्र में रिकॉर्ड 21 लाख पौधों के रोपण की एक बहुत बड़ी विधिक व प्रशासनिक घोषणा की. कार्यक्रम के समापन के पश्चात मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री ने राम मंदिर चंदा विवाद, पश्चिम बंगाल के ओबीसी (OBC) आरक्षण मुद्दे और एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के तीखे बयानों पर विधिक व बेबाक प्रतिक्रिया दी.

“नदियों को बचाना है तो पेड़ लगाना अनिवार्य”— जाल सभागृह से पर्यावरण का संदेश
जल संवर्धन और प्रकृति संतुलन को लेकर कैबिनेट मंत्री ने जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया:
- नर्मदा का उदाहरण: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पेड़ केवल ऑक्सीजन का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये हमारी जीवनदायिनी नदियों और भूजल (Groundwater) स्रोतों को पुनर्जीवित रखने का एकमात्र विधिक आधार हैं. उन्होंने मां नर्मदा का विशेष उदाहरण देते हुए कहा कि यदि अंचल की नदियों के अस्तित्व को बचाना है, तो हमें व्यापक स्तर पर पौधरोपण करना ही होगा.
- वोट बैंक की राजनीति पर प्रहार: पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी द्वारा ओबीसी कानून में विधिक बदलाव से जुड़े प्रस्ताव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि, “मैंने सोशल मीडिया के माध्यम से यह विषय देखा है. कुछ राज्यों ने केवल तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसे असंवैधानिक फैसले किए थे, जो विधिक रूप से उचित नहीं थे. किसी भी दल को ऐसा दुस्साहस नहीं करना चाहिए.”

राम मंदिर चंदा चोरी पर सख्त रुख: “योगी आदित्यनाथ की सरकार में दूध का दूध और पानी का पानी होगा”
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदा घोटाले के आरोपों पर मंत्री ने कड़े लहजे में अपराधियों को चेतावनी दी:
- आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: विजयवर्गीय ने दोटूक शब्दों में कहा कि राम मंदिर करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की अगाध विधिक व धार्मिक आस्था का केंद्र है. यदि किसी भी व्यक्ति या संस्था ने इस पवित्र कार्य के चंदे में विधिक हेरफेर या घोटाला किया है, तो उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा भुगतनी होगी.
- योगी सरकार पर पूरा भरोसा: उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधिक कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि, UP पुलिस इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष जांच कर रही है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और भ्रष्टाचारियों का असली ठिकाना सिर्फ जेल की कालकोठरी होगी.

असदुद्दीन ओवैसी के ‘मुस्लिम एनकाउंटर’ वाले बयान को बताया पूरी तरह काल्पनिक और निराधार
ओवैसी के आरोपों पर पलटवार और विधिक कानून का राज —
“हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस विवादित बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने करारा पलटवार किया, जिसमें ओवैसी ने आरोप लगाया था कि ‘यदि राम मंदिर घोटाले का आरोपी कोई मुस्लिम होता, तो अब तक उसका एनकाउंटर हो चुका होता’.
विजयवर्गीय ने इस बयान को पूरी तरह से काल्पनिक, तथ्यहीन और समाज में वैमनस्यता व भ्रम फैलाने वाला विधिक प्रपंच करार दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की न्याय प्रणाली और कानून व्यवस्था किसी का धर्म या जाति देखकर विधिक कार्रवाई नहीं करती, बल्कि अपराध के आधार पर सजा तय करती है. ओवैसी जैसे नेता केवल सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे निराधार बयान देते हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं होता.”







