रीवा : रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक आंगनबाड़ी केंद्र से ढाई साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया। वारदात को अंजाम देने वाली कोई और नहीं, बल्कि केंद्र की सहायिका और उसकी पड़ोसन सहेली निकलीं। दोनों ने मासूम को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और बोरी में बंद कर अपने रिश्तेदार के माध्यम से सीधी जिले भिजवा दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 8 घंटे के भीतर मासूम को सकुशल बरामद कर तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

CCTV फुटेज से मिला सुराग, सहायिका पर गहराया शक
नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राजीव पाठक ने बताया कि 23 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे परिजनों ने समान थाने में बच्ची की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि बच्ची सुबह अपने भाई के साथ आंगनबाड़ी गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने जब आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले, तो बच्ची भाई के साथ आंगनबाड़ी जाती दिखी, पर वहां से बाहर निकलती नहीं नजर आई। इसके बाद पुलिस ने आंगनबाड़ी सहायिका रिया वर्मा (20) से पूछताछ की, जिसने झूठ बोला कि बच्ची अकेले ही घर लौट गई थी।

संतान न होने पर रची गई थी अपहरण की साजिश
सहायिका के बयानों में विरोधाभास और कड़ाई से की गई पूछताछ में वह टूट गई और पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। उसने बताया कि आंगनबाड़ी के पास किराए से रहने वाली उसकी सहेली रीनू वर्मा उर्फ गोल्डी की कोई संतान नहीं थी। संतान सुख की चाहत में रीनू ने रिया के साथ मिलकर इस मासूम के किडनैपिंग की साजिश रची। योजना के मुताबिक, रिया ने केंद्र में आई मासूम को रीनू के हवाले कर दिया, जिसने बच्ची को बेहोश कर बोरी में बंद कर लिया।

बोरी में भरकर सीधी भिजवाई गई मासूम, आधी रात को रेस्क्यू
आरोपी रीनू ने बोरी में बंद बच्ची को मोहनिया के पास रहने वाली अपनी भाभी केशकली कोल (37) को सौंप दिया। केशकली तुरंत बच्ची को लेकर अपने मायके सीधी जिले के धनहा गांव चली गई। पुलिस को जैसे ही सीधी में लोकेशन मिली, एक विशेष टीम ने आधी रात को ही वहां दबिश दी और केशकली के मकान से मासूम को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने मामले में सहायिका रिया वर्मा, रीनू वर्मा, केशकली कोल और उसके पति रविशंकर मालवीय (40) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।











