सतना: टीकर गांव के चर्चित राहुल सिंह हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय (एसपी ऑफिस) के सामने चल रहा 28 घंटे लंबा धरना प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। मृतक के परिजनों और रॉयल राजपूत संगठन की दो प्रमुख मांगों पर पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। इस मामले में पुलिस आरोपी सियाशरण दाहिया और अश्विनी दाहिया को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है।

सिंहपुर थाना प्रभारी हटे, जसो भेजे गए
निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अड़े परिजनों का आरोप था कि स्थानीय थाना स्तर पर जांच को प्रभावित किया जा रहा है:
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TI का तबादला: परिजनों के कड़े विरोध के बाद सिंहपुर थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज शुक्ला को पद से हटाकर जसो थाना भेज दिया गया है।
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SIT का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हंसराज सिंह के निर्देश पर 4 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
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SIT की कमान: एसआईटी की कमान एएसपी (ग्रामीण) प्रेमलाल कुर्वे के पास होगी, जिसमें एएसपी अभिनव और देविका सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
नए संदिग्धों की भूमिका, CDR और CCTV खंगालेगी टीम
मृतक के पिता ब्रजमोहन सिंह ने हत्या के इस मामले में दो अन्य संदिग्धों—कृष्णा गर्ग और शिवा गर्ग—की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं:
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तकनीकी साक्ष्यों की जांच: एसआईटी अब संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), घटनास्थल के आसपास सक्रिय नंबरों की टावर लोकेशन और टोल प्लाजा के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच करेगी।
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काली स्कॉर्पियो पर नजर: घटना के वक्त टोल प्लाजा से गुजरी एक संदिग्ध काली स्कॉर्पियो की आवाजाही को लेकर भी एसआईटी साक्ष्य जुटा रही है।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
| घटनाक्रम | टीकर का राहुल सिंह हत्याकांड |
| प्रदर्शन स्थल | एसपी कार्यालय सतना (28 घंटे चला धरना) |
| प्रशासनिक कार्रवाई | सिंहपुर TI पंकज शुक्ला का जसो तबादला |
| जांच एजेंसी | 4 सदस्यीय एसआईटी (नेतृत्व: एएसपी प्रेमलाल कुर्वे) |
| नामजद/गिरफ्तार आरोपी | सियाशरण दाहिया और अश्विनी दाहिया (जेल में) |
| जांच के नए बिंदु | कृष्णा गर्ग, शिवा गर्ग की भूमिका, CDR, CCTV व काली स्कॉर्पियो |
SIT की जांच से खुलेगी पूरी कड़ी
दोनों मुख्य मांगें पूरी होने के बाद आंदोलनकारी शांत हुए हैं। अब देखना होगा कि विशेष जांच दल (SIT) द्वारा जुटाए गए तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड में शामिल अन्य पर्दापोश चेहरों से कब तक पर्दा उठता है।










