इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के IDA ग्राउंड पर शनिवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और संस्थागत विफलताओं को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। 20 से 25 हजार युवाओं की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रखा गया था। गैर-राजनीतिक स्वरूप में आयोजित इस कार्यक्रम के मंच पर केवल छात्रों और युवाओं को स्थान दिया गया था, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश में रुकी हुई भर्तियों, व्यापमं घोटाले और पेपर लीक की समस्याओं पर अपनी आपबीती सुनाई।

1. आज का स्टूडेंट खुश नहीं, दबाव में है: राहुल गांधी
संबोधन की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज देश का युवा भारी दबाव में है और उसे अपना भविष्य धुंधला नजर आ रहा है:
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पारदर्शिता पर सवाल: उन्होंने कहा कि आज का छात्र परेशान है कि किस परीक्षा पर भरोसा किया जाए। मेहनत के बाद भी पेपर लीक हो जाते हैं और सिस्टम में बैठे भ्रष्ट लोग लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं।
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शिक्षा लग्जरी नहीं, मौलिक अधिकार: राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि किंडरगार्टन से लेकर मिड-डे मील, स्कूल, कॉलेज और वहां से रोजगार तक पहुंचाना किसी छात्र की नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है।

2. ‘स्टूडेंट बनाम अंधभक्त’: राहुल गांधी ने गिनाए 4 मुख्य अंतर
राहुल गांधी ने कहा कि व्यवस्था चलाने वाले कभी नहीं चाहते कि युवा सवाल पूछे, इसलिए वे अंधभक्तों को प्रमोट करते हैं:
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सवाल बनाम भ्रम: जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है और उसमें जिज्ञासा (Curiosity) होती है, वहीं अंधभक्त भ्रमित (Delusional) रहकर अपनी अलग दुनिया में रहता है।
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मोहब्बत बनाम नफरत: स्टूडेंट प्यार और सम्मान से बात करता है, जबकि अंधभक्त नफरत फैलाता है।
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विनम्रता बनाम अहंकार: स्टूडेंट दूसरों की बात सुनने के लिए विनम्र (Humble) होता है, जबकि अंधभक्त अहंकारी और एरोगेंट होता है।

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ईमानदारी बनाम वादाखिलाफी: स्टूडेंट निडर और ईमानदार होता है, जबकि अंधभक्त महिलाओं का अनादर करने वाला और बेईमान होता है।
“सिस्टम चलाने वाले लोग अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ने भेजते हैं, जबकि देश के सामान्य युवाओं को अंधभक्त बनाना चाहते हैं ताकि कोई उनसे नौकरी और अधिकारों पर सवाल न पूछे।”— राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष

3. ‘सिस्टम की टॉप लेयर’ का खाका और छात्रों का दर्द
राहुल गांधी ने स्क्रीन पर प्रेजेंटेशन के जरिए कहा कि देश की व्यवस्था के शीर्ष पर चंद लोग बैठे हैं जो मीडिया, न्यायपालिका और संचार तंत्र को नियंत्रित कर रहे हैं।
इसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों से आए युवाओं ने अपनी आपबीती मंच से साझा की:
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देवास के छात्र का हादसा: दिल्ली में हॉस्टल इमारत गिरने से मारे गए देवास के छात्र के परिजनों ने राहुल गांधी से मिलकर हॉस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली बताई।

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व्यापमं और पटवारी परीक्षा धांधली: देवास के एक युवा ने बताया कि इंदौर में भर्ती परीक्षा में देरी को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे छात्रों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। पटवारी परीक्षा में एक ही सेंटर से कई टॉपर्स आने पर भी सवाल उठाए गए।
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आरक्षण व पेंडिंग रिजल्ट: राजगढ़ की सपना गुर्जर समेत कई छात्रों ने बताया कि एमपी पीएससी (MPPSC) में 13% पदों पर होल्ड लगाकर परिणाम रोके गए हैं, जिससे 1.87 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका है।

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| आयोजन का नाम | छात्रों की गूंज (5वां राष्ट्रीय संस्करण) |
| स्थान | IDA ग्राउंड, इंदौर (मध्य प्रदेश) |
| मुख्य वक्ता | राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा) |
| मुख्य विषय | ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ (पेपर लीक, शिक्षा की लागत, बेरोजगारी) |
| पिछला आयोजन स्थल | कोटा, प्रयागराज, देहरादून, पुणे |

राजनीतिक हलचल तेज
इंदौर के इस आयोजन के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां युवाओं ने मंच से परीक्षाओं की अनियमितताओं पर सीधे सवाल दागे, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है।










