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मऊगंज में फॉरेस्ट विभाग की लापरवाही से हादसा: बिजली का नंगा तार छुड़ाने में गई ‘मखना’ हाथी की जान, 6 महीने पुराना जोड़ा टूटा!

मऊगंज में फॉरेस्ट विभाग की लापरवाही से हादसा: बिजली का नंगा तार छुड़ाने में गई ‘मखना’ हाथी की जान, 6 महीने पुराना जोड़ा टूटा!

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प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 21, 2026, 11:50 PM IST

Updated On: Sep 22, 2026, 12:38 AM IST

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मऊगंज: मऊगंज जिले के मलकपुर क्षेत्र से दुखद और राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले 6 महीनों से इलाके में विचरण कर रहे दो हाथियों के जोड़े में से एक नर (मखना) हाथी की शनिवार को बिजली के करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मचे हड़कंप के बीच वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगातार पकड़ से बाहर चल रही साथी मादा हाथी का सफल रेस्क्यू कर लिया है और उसे सुरक्षित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है। हाथी की मौत के बाद रीवा, सीधी और मऊगंज के वरिष्ठ वन अधिकारियों सहित संजय टाइगर रिजर्व और बांधवगढ़ नेशनल पार्क के वन्यजीव विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

 4 हाथियों की मदद से हुआ रेस्क्यू, बांधवगढ़ भेजा गया

नर हाथी की मौत के बाद उसकी साथी मादा हाथी घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर चली गई थी। वन विभाग ने उसे सुरक्षित निकालने के लिए व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया:
  • हाथियों की तैनाती: बांधवगढ़ और संजय टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित 4 हाथियों की टीम को मलकपुर बुलाया गया।
  • सफल ऑपरेशन: सोमवार सुबह करीब 9 बजे हाथियों और विशेषज्ञों की मदद से घेराबंदी शुरू की गई। कड़ी मशक्कत के बाद मादा हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू पिंजरे में ट्रेस व ट्रेंकुलाइज कर नियंत्रित किया गया और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) रवाना कर दिया गया।

 

 पोस्टमार्टम के बाद शव दफनाया गया, कांग्रेस का धरना प्रदर्शन

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण हाई-टेंशन बिजली लाइन का करंट लगना बताया गया है। निर्धारित नियमों का पालन करते हुए हाथी को घटनास्थल के समीप ही दफना दिया गया।
इधर, घटना को लेकर सियासी गरमाहट भी देखने को मिली:
  • कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन: पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने ग्रामीणों के साथ मलकपुर में धरना दिया।
  • लापरवाही का आरोप: नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधि सुरेंद्र गिरी ने आरोप लगाया कि हाथियों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद वन विभाग की रात्रि गश्त और निगरानी शून्य थी, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

 

मामले का संक्षिप्त ब्योरा

विवरण प्रमुख जानकारी
घटनास्थल मलकपुर, जिला मऊगंज
हादसे का कारण बिजली का तेज करंट (Electrocution)
मृतक वन्यजीव मखना (नर) हाथी
रेस्क्यू ऑपरेशन बांधवगढ़ व संजय टाइगर रिजर्व के 4 हाथियों की मदद से
मादा हाथी का स्टेटस रेस्क्यू कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेजा गया
जांच टीम रीवा, सीधी व मऊगंज वन मंडल के अधिकारी एवं विशेषज्ञ
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