उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) के मानपुर बफर क्षेत्र अंतर्गत नेउसी और खोरी गांव के सीमावर्ती इलाकों में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 28 जंगली हाथियों के दो अलग-अलग झुंड अचानक रिहायशी और कृषि इलाकों की ओर पहुंच गए। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। हालांकि, समय रहते सूचना मिलने पर मानपुर और कल्लवाह वन परिक्षेत्र की टीमों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से मुस्तैदी दिखाते हुए हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ दिया।

दो झुंडों में पहुंचे करीब 28 हाथी, 1 एकड़ फसल चौपट
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को हाथियों के दो अलग-अलग समूह अलग-अलग समय पर खेतों के पास पहुंचे:
-
फसल का नुकसान: जंगल से लगे कृषि खेतों में घुसकर हाथियों ने करीब 1 एकड़ क्षेत्र में खड़ी धान और अन्य फसलों को रौंद दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
-
ग्रामीणों का सहयोग: फसल को भारी नुकसान से बचाने के लिए स्थानीय ग्रामीण तुरंत लामबंद हो गए और वन कर्मियों के साथ मिलकर हाथियों की घेराबंदी शुरू कर दी।

मानपुर-कल्लवाह रेंज का संयुक्त ऑपरेशन, जंगल की ओर खदेड़ा
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग का अमला तुरंत हरकत में आया:
-
निगरानी और मशक्कत: मानपुर और कल्लवाह परिक्षेत्र के अधिकारियों और वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हाथियों के व्यवहार पर नजर रखी और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों झुंडों को आबादी वाले क्षेत्र से दूर वापस जंगल की ओर मोड़ दिया।
-
सुरक्षा निर्देश: वन विभाग ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे हाथियों के बिल्कुल नजदीक न जाएं, भीड़ न जमा करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

वन विभाग अलर्ट पर, लगातार जारी है मॉनिटरिंग
हाथियों के दोबारा रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करने की आशंका को देखते हुए वन विभाग की गश्ती टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं:
“हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मानपुर और कल्लवाह की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेज दिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और क्षेत्र में वन अमले द्वारा सतत निगरानी की जा रही है।”— अंकित सोनी, परिक्षेत्र अधिकारी (मानपुर)
घटना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| स्थान | नेउसी एवं खोरी गांव, मानपुर बफर क्षेत्र (बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया) |
| हाथियों की संख्या | लगभग 28 (दो अलग-अलग झुंड) |
| हुआ नुकसान | लगभग 1 एकड़ खेत की फसल क्षतिग्रस्त |
| वन परिक्षेत्र | मानपुर एवं कल्लवाह परिक्षेत्र |
| वर्तमान स्थिति | हाथियों को जंगल खदेड़ा गया, क्षेत्र में गश्त व निगरानी जारी |










