मऊगंज: मध्य प्रदेश के नवनिर्मित मऊगंज (Mauganj) जिले में सामाजिक सशक्तीकरण और अंत्योदय की कड़ियाँ मजबूत करते हुए जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय विलेख पूरा किया है। कलेक्टर संजय कुमार जैन की अनूठी पहल पर जिले के तीनों विकासखंडों में तीन दिवसीय निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 15 जुलाई तक चले इस विधिक अभियान में कुल 104 पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कर उन्हें आवश्यकतानुसार आधुनिक जीवन रक्षक और सहायक उपकरण सौंपे गए, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता का नया संबल आया है।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना का भी मिला लाभ; ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर का हुआ विधिक वितरण
मऊगंज जिले के तीनों ब्लॉकों में आयोजित इस कल्याणकारी शिविर की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- पात्रों का श्रेणीवार विलेख पंजीयन: जिला प्रशासन की मुस्तैदी से आयोजित इस कैंप में कुल 104 लाभार्थियों को चिन्हित किया गया। इसमें केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना’ के तहत 18 वरिष्ठ (बुजुर्ग) नागरिक, शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे कृत्रिम अंग के लिए पात्र 18 हितग्राही और 68 अन्य गंभीर दिव्यांगजन शामिल रहे।
- जरूरत के हिसाब से बांटे गए उपकरण: सभी चिन्हित हितग्राहियों की शारीरिक दिव्यांगता का ऑन-स्पॉट विधिक परीक्षण कर उन्हें ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कान की मशीन (श्रवण यंत्र), दृष्टिबाधितों के लिए स्मार्ट केन (छड़ी) और अत्याधुनिक कृत्रिम अंग निःशुल्क प्रदान किए गए।
पीएम श्री शासकीय केदारनाथ कॉलेज में हुआ भव्य समापन; कलेक्ट्रेट विंग रखेगी लाभार्थियों का फॉलोअप
समापन समारोह के दौरान प्रशासनिक मुस्तैदी और अधिकारियों के विधिक दिशा-निर्देश नीचे दिए गए हैं:
- सशक्तीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: इस तीन दिवसीय कल्याणकारी अभियान का विधिक समापन पीएम श्री शासकीय केदारनाथ महाविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन उपकरणों के वितरण का मूल विलेख केवल भौतिक सहायता देना नहीं, बल्कि उनके भीतर स्वावलंबन और आत्मबल जगाना है।
- समय पर कड़ियों को जोड़ने के निर्देश: कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग और पंचायत विंग के अधिकारियों को सख्त विधिक निर्देश दिए हैं कि शिविर में पंजीकृत सभी हितग्राहियों को तय समय सीमा के भीतर उपकरण डिलीवर किए जाएं। इसके साथ ही एक विशेष टीम बनाकर लाभार्थियों का ‘फॉलोअप’ (Feedback Follow-up) लिया जाए कि वे उपकरणों का उपयोग सुचारू रूप से कर पा रहे हैं या नहीं।
शिविर के सफल आयोजन में इन विभागों की रही मुख्य विधिक भूमिका
| विभाग / संस्था | मुख्य प्रशासनिक जिम्मेदारी / योगदान |
| ALIMCO (अलीमको) | कृत्रिम अंगों का निर्माण, तकनीकी परीक्षण और उपकरणों की विधिक आपूर्ति |
| सामाजिक न्याय विभाग | पात्र दिव्यांगजनों की सूची तैयार करना और विलेखों का भौतिक सत्यापन |
| स्वास्थ्य विभाग (Health Wing) | डॉक्टरों की टीम द्वारा दिव्यांगता प्रतिशत का विधिक मापन और प्रमाणन |
| पंचायत एवं ग्रामीण विकास | आंचलिक क्षेत्रों से बुजुर्गों और दिव्यांगों को शिविर स्थल तक सुरक्षित पहुंचाना |
अंचल में लगातार लगेंगे ऐसे कैंप: जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, पंचायत और अलीमको की संयुक्त विंग की पीठ थपथपाई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी मऊगंज, हनुमना और नईगढ़ी क्षेत्रों में नियमित अंतराल पर ऐसे विधिक शिविर आयोजित होते रहेंगे, ताकि विंध्य अंचल का कोई भी असहाय नागरिक बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। सहायक उपकरण पाकर घर लौट रहे लाभार्थियों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान इस विलेख की सबसे बड़ी सफलता रही।







