Sign In
/
/
मैहर-रामनगर में जंगली हाथी ई-5 का तांडव: 20 गांवों में खौफ का साया, 3 दिन में हल नहीं निकला तो उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम!

मैहर-रामनगर में जंगली हाथी ई-5 का तांडव: 20 गांवों में खौफ का साया, 3 दिन में हल नहीं निकला तो उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम!

[inb_subtitle]

विज्ञापन

प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 22, 2026, 8:52 PM IST

Updated On: Sep 22, 2026, 8:55 PM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!
मैहर: मैहर जिले के रामनगर, गोरसरी पहाड़ और कैमोर की पर्वत श्रृंखलाओं से लगे करीब 20 गांवों में बीते 15 दिनों से जंगली हाथी E-5 (C-4) की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। हाथी द्वारा रोज खेतों में फसलें रौंदे जाने और मकानों में की जा रही तोड़फोड़ से आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम रामनगर एसडीएम (SDM) एसपी मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 3 दिनों के भीतर हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू करने और प्रभावितों को क्षतिपूर्ति देने का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

20 से अधिक गांवों में खौफ, फसलों और घरों को भारी नुकसान

ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों से हाथी रिहायशी इलाकों में बेखौफ घूम रहा है:
  • तबाही का आलम: हाथी रोजाना गोरसरी पहाड़ से उतरकर आसपास के गांवों में घुस जाता है, जिससे किसानों की खड़ी धान की फसल चौपट हो रही है। कई ग्रामीणों के कच्चे मकानों के गेट और दीवारें टूट चुकी हैं।
  • दहशत में ग्रामीण: रात के समय खेतों की सिंचाई करना तो दूर, लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।

 

ग्रामीणों की तीन प्रमुख मांगें

रामनगर एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
  1. सुरक्षित रेस्क्यू: हाथी E-5 को जल्द से जल्द ट्रेंकुलाइज कर या खदेड़ कर बांधवगढ़ या अन्य सुरक्षित अभ्यारण्य भेजा जाए।
  2. तत्काल मुआवजा: हाथी के हमले से तबाह हुई धान की फसलों और टूटे मकानों का त्वरित सर्वे कराकर पीड़ितों को आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाए।
  3. सुरक्षा के कड़े इंतजाम: प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में वन विभाग की रात्रि गश्त (Night Patrolling) बढ़ाई जाए और ग्रामीणों को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं।

 

जनप्रतिनिधि और ग्रामीण एकजुट, 3 दिन का अल्टीमेटम

ज्ञापन सौंपने के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वकीलों ने भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल उठाए। गोरसरी सरपंच वकील यादवेंद्र सिंह, भाजपा बड़वार मंडल अध्यक्ष विष्णुकांत पांडे, जान्हवी तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और ग्रामीण जन मौजूद रहे।
“हाथी के आतंक से 20 गांवों की जनता परेशान है। वन विभाग केवल निगरानी का दावा कर रहा है, जबकि धरातल पर किसान तबाह हो रहे हैं। यदि 3 दिनों के भीतर हमारी मांगों पर संज्ञान लेकर समाधान नहीं किया गया, तो समस्त क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
स्थानीय ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि, रामनगर

मामले का संक्षिप्त ब्योरा

विवरण प्रमुख जानकारी
मुख्य मुद्दा हाथी E-5 द्वारा फसलों व मकानों का नुकसान
प्रभावित क्षेत्र रामनगर, गोरसरी पहाड़ व कैमोर जंगल से लगे 20+ गांव (जिला मैहर)
ज्ञापन प्राप्तकर्ता एसपी मिश्रा (SDM, रामनगर)
प्रमुख मांगें हाथी का रेस्क्यू, फसल/मकान नुकसान का मुआवजा व पुख्ता सुरक्षा
अल्टीमेटम 3 दिन में मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
प्रमुख उपस्थिति गोरसरी सरपंच वकील यादवेंद्र सिंह, विष्णुकांत पांडे, जान्हवी तिवारी व ग्रामीण
होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू