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मैहर जिले में 5 दिन से जंगली हाथी का मूवमेंट, शासन स्तर पर अब तक नहीं हुआ ठोस फैसला; आबादी की तरफ बढ़ा तो कौन लेगा जिम्मेदारी?

मैहर जिले में 5 दिन से जंगली हाथी का मूवमेंट, शासन स्तर पर अब तक नहीं हुआ ठोस फैसला; आबादी की तरफ बढ़ा तो कौन लेगा जिम्मेदारी?

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The Khabrilal

Published On: Sep 12, 2026, 2:41 PM IST

Updated On: Sep 12, 2026, 2:49 PM IST

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रामनगर/अमरपाटन): मैहर जिले के रामनगर और अमरपाटन अंचल में पिछले 5 दिनों से जंगली हाथी की लगातार मौजूदगी ने न केवल ग्रामीणों की नींद उड़ा रखी है, बल्कि प्रशासन और वन विभाग के सामने भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। लगातार गश्त और निगरानी के बावजूद शासन स्तर से अब तक कोई ठोस नीतिगत फैसला या लिखित अनुमति सामने नहीं आई है, जिसके चलते जमीनी कार्रवाई अटकी हुई है। वन विभाग का अमला हाथी को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने और बांधवगढ़ से कुमकी हाथियों को बुलाकर ‘कुमकी ऑपरेशन’ (Kunki Operation) चलाने की तैयारी में तो जुटा है, लेकिन भोपाल स्तर से अंतिम स्वीकृति न मिलने के कारण ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहा है।

आबादी और मैहर शहर की ओर बढ़ा तो कौन होगा जिम्मेदार?

ग्रामीण अंचलों में हाथी द्वारा खेतों को नुकसान पहुंचाने और फसलों को रौंदने की घटनाओं के बाद अब सबसे बड़ा डर आबादी वाले क्षेत्रों को लेकर है।
  • जनता में दहशत: रामनगर और अमरपाटन के दर्जनों गांवों में ग्रामीण रात-रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
  • शहर पर मंडराता खतरा: जानकारों का मानना है कि यदि हाथी का रुख मुख्य सड़क मार्ग, घनी आबादी या मैहर शहर की ओर हो गया, तो हालात बेहद बेकाबू और गंभीर हो सकते हैं।
  • बड़ा सवाल: क्षेत्रवासी सवाल उठा रहे हैं कि क्या वन विभाग और शासन किसी बड़ी जनहानि या हादसे का इंतजार कर रहे हैं?

वन्यजीव और मानव सुरक्षा दोनों के सामने चुनौती

हाथी के मूवमेंट को देखते हुए फील्ड में तैनात वनकर्मी लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं, लेकिन बिना कुमकी हाथियों और ट्रैंकुलाइजिंग टीम की पूर्ण अनुमति के हाथी को खदेड़ना या नियंत्रित करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय रहते प्रभावी कदम न उठाए जाने से हाथी और इंसानों के बीच हिंसक टकराव की आशंका बढ़ जाती है।

स्थिति का संक्षिप्त विवरण

विवरण जानकारी
प्रभावित क्षेत्र रामनगर और अमरपाटन अंचल (जिला मैहर)
समस्या जंगली हाथी का बीते 5 दिनों से निरंतर मूवमेंट
प्रशासनिक स्थिति कुमकी ऑपरेशन की तैयारी पूरी, शासन स्तर से अनुमति का इंतजार
मुख्य चुनौती हाथी को आबादी व मैहर शहर की तरफ बढ़ने से रोकना
जनता की मांग शासन तुरंत निर्देश जारी कर कुमकी ऑपरेशन शुरू कराए

शीघ्र फैसले की जरूरत

विबंध्य क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा और ग्रामीण जनजीवन की सुरक्षा दोनों ही प्राथमिकता हैं। क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि शासन स्तर पर लालफीताशाही छोड़ तुरंत कुमकी ऑपरेशन की अनुमति दी जाए, ताकि हाथी को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर गहरे जंगल में खदेड़ा जा सके और किसी भी संभावित बड़े हादसे को टाला जा सके।
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