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भोपाल की सड़कों पर युवाओं का महासंग्राम: 32वें दिन भी नहीं पिघला सिस्टम, बेसुध होकर गिरे अनशनकारी नरेंद्र!

भोपाल की सड़कों पर युवाओं का महासंग्राम: 32वें दिन भी नहीं पिघला सिस्टम, बेसुध होकर गिरे अनशनकारी नरेंद्र!

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प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 22, 2026, 1:49 AM IST

Updated On: Sep 22, 2026, 1:49 AM IST

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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर जारी अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 32वें दिन भी पूरे उग्र रूप में जारी रहा। आंदोलन की अगुवाई कर रहे नरेंद्र सिंह राजपूत के 11 दिनों से जारी निर्जल अनशन को रविवार देर रात तबीयत अचानक बिगड़ने और बेहोश होने के कारण अभ्यर्थियों ने उनकी जान को प्राथमिकता देते हुए समाप्त कराया। हालांकि, अनशनकारी नरेंद्र राजपूत और अन्य अभ्यर्थी अब भी भूख हड़ताल पर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक राज्य सरकार की ओर से शिक्षक पदवृद्धि के संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
भोपाल में 32वें दिन भी जारी शिक्षक आंदोलन: तबीयत बिगड़ने पर नरेंद्र का निर्जल अनशन टूटा; भूख हड़ताल पर अड़े अभ्यर्थी

11 दिन बाद टूटा निर्जल अनशन, पर भूख हड़ताल जारी

32 दिनों से लगातार चल रहे इस प्रदर्शन में अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है:
  • बेहोश हुए अनशनकारी: 11 दिनों से अन्न-जल त्यागे बैठे नरेंद्र सिंह राजपूत की रविवार रात अचानक स्थिति बिगड़ गई और वे बेसुध हो गए।
  • स्वास्थ्य को प्राथमिकता: साथी अभ्यर्थियों ने उनकी बिगड़ती सेहत और जीवन रक्षा को देखते हुए जबरन उनका निर्जल अनशन समाप्त कराया। हालांकि, वे अभी भी अन्न का त्याग कर भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं।

भारी बारिश और जलभराव के बावजूद धरना स्थल पर डटे अभ्यर्थी

राजधानी भोपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने अभ्यर्थियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं:
  • कीचड़ और पानी में धरना: बारिश के कारण धरना स्थल पर चारों तरफ पानी भर गया है, जिससे अभ्यर्थियों का बैठना और सोना तक दूभर हो गया है।
  • अटल हौसला: विपरीत मौसम, प्रशासनिक उपेक्षा और स्वास्थ्य संकट के बावजूद दूर-दराज के जिलों से पहुंचे चयनित शिक्षक अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

अभ्यर्थियों की तीन प्रमुख मांगें

आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि लिखित परीक्षा में बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए हैं, लेकिन सीमित पदों की वजह से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है:
  1. वर्ग-2 में पदवृद्धि: माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती में कम से कम 10,000 अतिरिक्त पदों को जोड़ा जाए।
  2. वर्ग-3 में पदवृद्धि: प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती में कम से कम 25,000 नए पद बढ़ाए जाएं।
  3. द्वितीय काउंसलिंग की शुरुआत: सभी संशोधित व बढ़ाए गए पदों के साथ शीघ्र ही द्वितीय काउंसलिंग (2nd Counseling) की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

मामले का संक्षिप्त ब्योरा

विवरण प्रमुख जानकारी
आंदोलन का स्थान भोपाल (मध्य प्रदेश)
समयावधि लगातार 32 दिनों से जारी
प्रमुख अनशनकारी नरेंद्र सिंह राजपूत (11 दिन बाद निर्जल अनशन समाप्त, भूख हड़ताल जारी)
मुख्य मांगें वर्ग-2 में 10,000 और वर्ग-3 में 25,000 पदवृद्धि व द्वितीय काउंसलिंग
वर्तमान स्थिति बारिश के बावजूद धरना एवं भूख हड़ताल जारी, लिखित आदेश पर अड़े अभ्यर्थी
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