मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से लगातार दहशत का पर्याय बने जंगली नर हाथी E-5 (C4) को लेकर वन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब इस हाथी को ट्रैंक्विलाइज (टहोश/बेहोश) कर सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (उमरिया) शिफ्ट किया जाएगा। बुधवार को आयोजित एलीफेंट एडवाइजरी कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक में इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। वन अमला अगले 2 से 3 दिनों के भीतर इस कठिन ऑपरेशन को पूरा करने की तैयारी में जुट गया है।

4 प्रशिक्षित हाथियों की मदद से होगा रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक डॉ. समीता रजौरा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में विशेषज्ञों ने हाथी E-5 के व्यवहार, उसकी हालिया गतिविधियों और इलाके की भौगोलिक स्थिति की गहन समीक्षा की।
तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत रेस्क्यू के लिए गोरसरी कैंप में दो और प्रशिक्षित हाथियों को शामिल किया जा रहा है। इसके बाद कुल चार कुमकी (प्रशिक्षित) हाथियों के बेड़े और विशेषज्ञ वन्यजीव डॉक्टरों की विशेष निगरानी में बेकाबू हाथी को ट्रैंक्विलाइज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रशासन व वन विभाग ने जारी की सख्त सुरक्षा एडवाइजरी
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सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की अपील: वन विभाग ने हाथी के विचरण वाले संवेदनशील गांवों के निवासियों से अपील की है कि वे कच्चे मकानों के बजाय पंचायत भवन, सामुदायिक भवन अथवा पक्के सुरक्षित भवनों में ही रात बिताएं।
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बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित: किसी भी संभावित करंट या विद्युत दुर्घटना से बचाने के लिए वन विभाग के अनुरोध पर बिजली कंपनी द्वारा जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद रखी जाएगी।
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दूरी बनाए रखने की हिदायत: आम नागरिकों, मीडियाकर्मियों और जनप्रतिनिधियों को रेस्क्यू स्थल तथा हाथी से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अधिकारियों का सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
फसल नुकसान का मिलेगा मुआवजा
अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि हाथी E-5 द्वारा खेतों में किए गए फसलों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत राजस्व विभाग द्वारा प्रभावित किसानों को तत्काल क्षतिपूर्ति (मुआवजा) राशि प्रदान की जाएगी। फ्रंटलाइन फॉरेस्ट स्टाफ को क्षेत्र में लगातार गश्त करने और स्थिति पर पैनी नजर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।










