नागपुर: नीट (NEET) पेपर लीक आंदोलन से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम की सफलता के बाद एक और नए बड़े अभियान की घोषणा की है। बुधवार को महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत का ऐलान किया। दीपके ने कहा कि इस अभियान के तहत CJP की टीमें देश के विभिन्न राज्यों के आदिवासी इलाकों में जाकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगी और सुविधाओं का ऑडिट करेंगी।

‘आदिवासी इलाकों को सरकारों ने किया नजरअंदाज’
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने सभी राजनीतिक दलों और सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए:
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सबकी जिम्मेदारी: देश को आजाद हुए 80 साल हो गए हैं, लेकिन आदिवासी इलाकों के स्कूलों की स्थिति बेहद बदहाल है। इसके लिए कोई एक सरकार नहीं, बल्कि आजादी के बाद से रही सभी सरकारें जिम्मेदार हैं।
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प्रतिभा की कमी नहीं: आदिवासी बच्चों में क्षमता की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकारी मदद और आधारभूत सुविधाओं के अभाव में वे पिछड़ रहे हैं।
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अभियान का लक्ष्य: CJP की टीमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्यों के दूर-दराज के स्कूलों में जाकर वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और पढ़ाई के माहौल को सामने लाएंगी।
आदिवासी बच्चों की मौतों पर उठाए गंभीर सवाल
CJP प्रमुख ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था और बच्चों की मौतों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया:
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महाराष्ट्र का आंकड़ा: दीपके ने दावा किया कि महाराष्ट्र में पिछले दो वर्षों में 590 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ये आंकड़े मुंबई जैसे शहर से आते तो देश भर में तहलका मच जाता।
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मध्य प्रदेश (बालाघाट) की स्थिति: हाल ही में मध्य प्रदेश के बालाघाट दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां बीते तीन महीनों में 30 से अधिक बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत दर्ज हुई है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि यह संख्या 100 के पार है।
अभियान की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
| अभियान का नाम | ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान |
| घोषणाकर्ता | अभिजीत दीपके (राष्ट्रीय संयोजक, कॉकरोच जनता पार्टी – CJP) |
| स्थान व तिथि | नागपुर (महाराष्ट्र), 16 सितंबर 2026 |
| मुख्य उद्देश्य | आदिवासी इलाकों के सरकारी स्कूलों की बदहाली उजागर करना और सुधार की मांग करना |
| लक्षित राज्य | गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ |
अपील और आगे की रणनीति
CJP ने सभी राज्य और केंद्र सरकारों से अपील की है कि वे आदिवासी क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों पर विशेष ध्यान दें और वहां तत्काल जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। दीपके ने स्पष्ट किया कि उनकी टीम जमीनी स्तर पर जाकर रिपोर्ट तैयार करेगी और सरकारों पर सकारात्मक कदम उठाने का दबाव बनाएगी।










