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मध्य प्रदेश में रचा गया नया इतिहास: भारी हंगामे और विरोध के बीच विधानसभा से ‘समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026’ पारित; उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद MP बना देश का चौथा राज्य

मध्य प्रदेश में रचा गया नया इतिहास: भारी हंगामे और विरोध के बीच विधानसभा से ‘समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026’ पारित; उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद MP बना देश का चौथा राज्य

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The Khabrilal

Published On: Jul 21, 2026, 9:09 PM IST

Updated On: Jul 21, 2026, 9:09 PM IST

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भोपाल: देश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के क्रियान्वयन को लेकर मध्य प्रदेश से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भारी हंगामे, नारेबाजी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के तीखे विरोध के बीच ‘मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल, 2026’ ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। सत्र के पहले दिन राज्य मंत्री गौतम टेटवाल द्वारा पटल पर रखे गए इस बिल को लेकर दूसरे दिन भी सदन में तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। हालांकि, सत्ता पक्ष के प्रचंड बहुमत और विस्तृत चर्चा के बाद विधेयक को सफलतापूर्वक पारित कर दिया गया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश देश में यूसीसी कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाला भारत का चौथा राज्य बन गया है।


सदन के वेल में उतरा विपक्ष; दो बार स्थगित हुई कार्यवाही

विधेयक पारित होने के दौरान सदन के भीतर घटे मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

  • बिना पूर्व सूचना के बिल लाने का आरोप: मंगलवार को जैसे ही UCC विधेयक पर चर्चा प्रारंभ हुई, कांग्रेस विधायकों ने सदन के वेल (गैलरी) में आकर जोरदार हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का आरोप था कि इतने बड़े और संवेदनशील विधेयक को पूरक कार्यसूची (Supplementary Agenda) के ज़रिए लाया गया, जिससे अध्ययन का पर्याप्त समय नहीं मिला।
  • हंगामे के कारण स्थगन: विपक्ष के उग्र विरोध और शोर-शराबे के चलते विधानसभा की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा।
  • नियमों के तहत प्रक्रिया: सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि संडे कैबिनेट की विशेष बैठक में ड्राफ्ट को हरी झंडी मिलने के बाद संसदीय नियमों का पूर्ण पालन करते हुए ही बिल पटल पर प्रस्तुत किया गया है।

उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश बना देश का चौथा राज्य

विधानसभा से इस बिल के पास होने के साथ ही देश में एक समान नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में नया अध्याय जुड़ गया है। मध्य प्रदेश से पहले:

  1. उत्तराखंड (फरवरी 2024)
  2. गुजरात (मार्च 2026)
  3. असम (मई 2026)

की विधानसभाएं अपने-अपने राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पेश कर पास करा चुकी हैं। राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में कहा कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में विवाह, तलाक, गोद लेने (Adoption) और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों व वर्गों के लिए एक समान, निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना है।


अब राज्यपाल के हस्ताक्षर का इंतजार; सड़क से कोर्ट तक लड़ाई का विपक्ष का ऐलान

विधानसभा से पास होने के बाद अब यह विधेयक अंतिम स्वीकृति के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राजभवन से मंजूरी मिलने और गजट नोटिफिकेशन (राजपत्र) जारी होते ही यह कानून पूरे मध्य प्रदेश में औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा। मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने इसे प्रदेश में सामाजिक समानता के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे राजनीतिक एजेंडा करार देते हुए कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।


UCC विधेयक 2026 का मुख्य ढांचा (Bill Timeline Matrix)

  • विधेयक का नाम: मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक, 2026।
  • सदन में पेशकर्ता: गौतम टेटवाल (राज्य मंत्री, म.प्र. शासन)।
  • पारित होने का तरीका: ध्वनिमत (विपक्ष के विरोध के बीच)।
  • राष्ट्रीय स्थिति: उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद MP बना चौथा राज्य।
  • प्रमुख क्षेत्र: विवाह, तलाक, गोद लेने के नियम एवं संपत्ति उत्तराधिकार।
  • अगला विधिक चरण: राज्यपाल की स्वीकृति एवं गजट नोटिफिकेशन।

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