इंदौर: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर (Indore) से सूबे के अन्नदाताओं के लिए एक बेहद बड़ी और कल्याणकारी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर की ऐतिहासिक लक्ष्मीबाई अनाज मंडी परिसर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव-2026’ का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिक शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक विलेख के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बलराम के चित्र का अनावरण किया, हल की पारंपरिक पूजा की और कृषि पताका लहराई। सूबे के किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए सीएम ने कृषि ऋण (Agri Loan) व्यवस्था में बड़े नीतिगत बदलाव सहित कई ऐतिहासिक प्रशासनिक घोषणाएं की हैं।

‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत १६ विभाग मुस्तैद; अब ६ महीने की जगह सालाना होगा लोन सेटलमेंट
इंदौर में आयोजित इस भव्य महोत्सव और कलेक्ट्रेट विंग के समन्वय से जुड़ी मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- डिफॉल्टर होने से बचेंगे किसान: मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा विधिक बदलाव अल्पकालीन कृषि ऋण व्यवस्था में करने की घोषणा की। वर्तमान में किसानों को हर छह महीने में लोन का भुगतान करना पड़ता है, जिससे समय पर पैसे न होने के कारण कई किसान डिफॉल्टर हो जाते हैं। अब सरकार ऐसी नई व्यवस्था ला रही है, जिसमें किसानों को वर्ष में केवल एक ही बार भुगतान करना होगा।
- नवंबर तक पूरे एमपी में मचेगी धूम: सीएम ने बताया कि प्रदेश में ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत 16 प्रमुख सरकारी विभागों को जोड़कर एक संयुक्त कार्ययोजना बनाई गई है। यह विशेष महोत्सव नवंबर 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित होगा, ताकि उन्नत कृषि नवाचारों की कड़ियाँ सीधे गांवों तक पहुंचाई जा सकें।
शहर से बाहर बनेगी सर्वसुविधायुक्त नई अनाज मंडी; गांधी सागर भेजे जाएंगे जंगली जानवर
बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन की विधिक कड़ियाँ नीचे दी गई हैं:
- लक्ष्मीबाई मंडी का होगा विस्थापन: मुख्यमंत्री ने इंदौर की लक्ष्मीबाई अनाज मंडी को शहर के कोलाहल से दूर, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नए स्थान पर विकसित करने का विधिक ऐलान किया। राऊ विधायक मधु वर्मा के प्रस्ताव पर मंडी परिसर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही मंडी क्षेत्र के विकास से विस्थापित होने वाले करीब 50 परिवारों को वैकल्पिक पक्के आवास देने का विधिक आश्वासन दिया गया है।
- नीलगायों से फसलों की सुरक्षा: जंगली जानवरों से बर्बाद हो रही फसलों को बचाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि नीलगायों की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए इन्हें विशेष रेस्क्यू कर ‘गांधी सागर अभ्यारण्य क्षेत्र’ में स्थानांतरित किया जाएगा। वहीं, सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए अपनी भूमि देने वाले भू-धारकों को बाजार मूल्य (मार्केट रेट) का चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।
कृषि विविधीकरण और किसानों के विकास का महा-रोडमैप
- दिन में बिजली और सिंचाई: सरकार का मुख्य फोकस प्राकृतिक और जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली मुहैया कराने पर है।
- वैल्यू एडिशन और फूड प्रोसेसिंग: पारंपरिक खेती पर निर्भरता कम करने के लिए दूध उत्पादन (डेयरी), मत्स्य पालन, उन्नत फल-सब्जी उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों की नई कड़ियाँ जोड़ी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई मुख्य घोषणाएं
| योजना / घोषणा | मुख्य प्रशासनिक प्रावधान | लक्षित लाभार्थी / उद्देश्य |
|---|---|---|
| कृषि ऋण संशोधन | 6 माह के बजाय अब 12 माह में एकल भुगतान | प्रदेश के लाखों अल्पावधि कर्जदार किसान |
| मंडी विस्थापन | आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शहर से बाहर नया हब | इंदौर अंचल के अनाज व्यापारी और कृषक |
| भूमि अधिग्रहण मुआवजा | बाजार गाइडलाइन मूल्य का 4 गुना तक भुगतान | विकास कार्यों के लिए जमीन देने वाले भू-स्वामी |
| फसलों की सुरक्षा | नीलगायों को गांधी सागर क्षेत्र में शिफ्टिंग | जंगली जानवरों से प्रभावित कृषि बेल्ट |







