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सतना में 34 घंटे बाद मिला खदान में डूबे 13 साल के मासूम का शव: 10 लाख रुपये मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण; उठाई थी सुरक्षा की मांग

सतना में 34 घंटे बाद मिला खदान में डूबे 13 साल के मासूम का शव: 10 लाख रुपये मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण; उठाई थी सुरक्षा की मांग

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प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 25, 2026, 2:53 AM IST

Updated On: Sep 25, 2026, 2:53 AM IST

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सतना/रामपुर बाघेलान : सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र अंतर्गत ककलपुर गांव स्थित प्रभात स्टोन क्रेशर की खुली खदान में डूबे 13 वर्षीय मासूम का शव करीब 34 घंटे चले लंबे इंतजार के बाद गुरुवार तड़के बरामद हो गया। मृतक की पहचान ककलपुर निवासी लल्लू उर्फ अखिलेश साहू, पिता चंद्रभान साहू के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने खदान स्थल पर शव रखकर उग्र प्रदर्शन किया और क्रेशर प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सामान लेने निकला था मासूम, मंगलवार शाम से था लापता
परिजनों के अनुसार, अखिलेश मंगलवार शाम करीब 6 बजे अपनी साइकिल से कुछ सामान खरीदने घर से निकला था। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान प्रभात स्टोन क्रेशर खदान के पास उसकी बाउंड्री से सटी साइकिल, सामान और पानी में तैरती चप्पल मिली थी। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने बुधवार दिनभर खदान के गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
तड़के पानी की सतह पर उतराया शव, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
गुरुवार तड़के करीब 4 बजे खदान के पास मौजूद ग्रामीणों और परिजनों को अखिलेश का शव पानी की सतह पर तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया। हालांकि, खदान के आसपास सुरक्षा फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड न होने से नाराज ग्रामीणों ने शव को उठाने से रोक दिया और मौके पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।
10 लाख के मुआवजे और कानूनी कार्रवाई के आश्वासन पर खत्म हुआ हंगामा
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी (टीआई) संदीप चतुर्वेदी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों के साथ करीब दो घंटे तक लगातार बातचीत की। टीआई के हस्तक्षेप के बाद खदान मालिक की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने तथा खदान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का लिखित/मौखिक आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
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